नई दिल्ली। 23 साल के एक शख्स को दिल्ली और उसके आसपास के इलाके में कथित रूप से नकली करंसी नोट छापने सप्लाई करने के लिए गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान सिध्दार्थ के रूप में हुई है जो कि दिल्ली के गोयला डेरी के ई-ब्लॉक के रहवासी का रहने वाला है। पुलिस के मुताबिक उसके पास से 2000, 500 और 100 के 2,03100 नोट बरामद किए गए। वहीं उसके पास अच्छी क्वॉलिटी का प्रिंटर और स्कैनर, नोट काटने में इस्तेमाल होने वाली मशीन और पेपर सीट आदि बरामद किए गए।

सीनियर पुलिस ऑफिसर के मुताबिक मंगलवार को पुलिस को एक शख्स के बारे में जानकारी मिली थी जो कि दिल्ली और उसके आसपास के क्षेत्र में नकली नोटों को सप्लाई करता था।

पुलिस को सूचना मिली थी कि एक शख्स नकली नोट सप्लाई करने के लिए द्वारका सेक्टर-18 स्थित श्मशान घाट के पास आने वाला है। इसके आधार पर पुलिसवालों की टीम बनाई गई। टीम ने दबिश देकर आरोपी को अरेस्ट कर लिया। पता चवा कि वह पहले पंजाबी बाग स्थित एक क्लब में बाउंसर का काम करता था। फिर डेयरी का बिजनस शुरू किया। घाटा होने की वजह से कुछ समय तक बेरोजगार रहा।

तब उसकी मुलाकात प्रदीप नामक शख्स से हुई जो कि जाली नोट बनाने का काम करता है। उसने जाली नोट बनाने की ट्रेनिंग ली और फिर खुद नोट छापकर उसे ओपन मार्केट में चलाना शुरू कर दिया। वे रेहड़ी खोमचों वालों को नकली नोट देकर सामान खरीदते थे। सामान लेते ही थी और उसके बदले में उन्हें असली करंसी मिल जाती थी। इस तरह वह रोजाना 10-15 हजार रुपए कमा लेता था।