नई दिल्ली। केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी का अप्रैल 2017 में पीछा करने तथा उनके साथ कथित रूप से बदसलूकी करने के मामले में पुलिस ने दिल्ली विश्वविद्यालय के चार छात्रों के खिलाफ आरोप पत्र दायर कर दिया। मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट स्निग्धा सरवारिया के समक्ष पेश की गई चार्जशीट में आईपीसी की धाराओं 354 डी, 509 और मोटर व्हिकल एक्ट की धारा 185 के तहत केस दर्ज किए हैं।

मामले की अगली सुनवाई 15 अक्टूबर को तय की है। चारों युवकों की पहचान सीतांशु, करण, अविनाश और अमित के तौर पर हुई थी। उनके खिलाफ पीछा करने, आपराधिक धमकी देने और महिला की अस्मिता के साथ छेड़छाड़ करने का इरादा रखने का मामला दर्ज किया गया था।

पुलिस ने अपनी चार्जशीट में ईरानी के बयान और घटना का जिक्र किया है। इसमें कहा गया है कि एक अप्रैल 2017 की रात डीयू के चार छात्रों ने शराब के नशे में न सिर्फ स्मृति ईरानी की कार का पीछा किया, बल्कि उन्हें अश्लील इशारे भी किेए।

जांच में पता चला कि घटना वाले दिन शाम करीब 5 बजे स्मृति ईरानी आईजीआई एयरपोर्ट से सरकारी कार में तुगलक रोड क्रिसेंट स्थित सरकारी निवास जा रही थीं। म्यांमार दूतावास से हरियाणा के रजिस्ट्रेशन वाली कार में सवार चार युवक उनकी कार का पीछा करने लगे। आरोपी लगातार उन्हें अश्लील इशारे भी कर रहे थे।

स्मृति ईरानी ने अपने ड्राइवर और सुरक्षाकर्मियों को आरोपियों की कार रुकवाने को कहा। ड्राइवर ने फ्रांसीसी दूतावास के पास आरोपियों की कार रोक ली और 100 नंबर पर दिल्ली पुलिस कंट्रोल रूम को कॉल कर दिया। तुरंत एक पीसीआर वैन मौके पर पहुंची और चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया था।

चार्जशीट दायर होने के बाद न्यायाधीश ने कहा कि मैं आरोप पत्र में उल्लेखित आरोपों का संज्ञान लेती हूं। सभी तथ्यों और मामले की परिस्थितियों पर विचार करते हुए, आरोपियों को समन करने के लिए रिकॉर्ड में पर्याप्त सामग्री है।

छात्रों की उम्र 18-19 साल के बीच है। यह घटना चाणक्यपुरी में अमेरिकी दूतावास के पास हुई थी। छात्रों को चाणक्यपुरी पुलिस थाने में हिरासत में लिया गया था। रिपोर्ट में दावा किया गया था कि आरोपियों का मेडिकल परीक्षण कराने पर उनके खून में शराब की मौजूदगी की पुष्टि हुई थी।