गाजियाबाद। दिल्ली एनसीआर में मेट्रो का दायरा बढ़ने के साथ 50 लाख से अधिक लोगों को इसका लाभ मिलने की संभावना है। इसके लिए नोएडा इलेक्ट्रॉनिक सिटी से मोहननगर तक मेट्रो फेज-तीन के पांच स्टेशनों की लोकेशन फाइनल हो गई है और रैपिड रेल कॉरिडोर से जोड़ने के कारण सिर्फ वसुंधरा सेक्टर-2 स्टेशन की लोकेशन तय होना बाकी है। मेट्रो के इस कॉरिडोर पर तीन स्टेशन सड़क के बीचोंबीच बनेंगे। मेट्रो फेज-दो की तरह ज्यादा जगह न घिरे, इसका भी खास ख्याल रखा गया है।

इन स्टेशनों के दोनों तरफ केवल सीढ़ियां बनाई जाएंगी। तीन स्टेशन सड़क किनारे बनेंगे। मेट्रो के यहां आने और रेल कॉरिडोर के इससे जुड़ने से न केवल नोएडा, गाजियाबाद के लोगों के लोगों को लाभ होगा, बल्कि इससे हापुड़ और मेरठ के लोगों का भी सफर आसान हो जाएगा। एक अनुमान के अनुसार, इससे दिल्ली के साथ यूपी के कम से कम चार जिलों के 50 लाख से अधिक लोगों को सीधे लाभ होगा। इससे गाजियाबाद के लोग मजेंटा लाइन से सफर करने के लिए रेड लाइन के बजाय ब्लू लाइन की ओर रुख करेंगे। दोनों परियोजनाओं से लाभान्वित होने वाले लोगों की संख्या शामिल करें तो यह 50 लाख के आसपास पहुंचेगी।

मेट्रो फेज-तीन के पांच स्टेशनों की जगह हुई तय

नोएडा इलेक्ट्रॉनिक सिटी से एनएच-9 क्रॉस करने के बाद मोहननगर लिंक रोड पर पहला स्टेशन वैभवखंड बनाया जाएगा। ये स्टेशन नेशनल फूड लैबोरेट्री (खाद्य अनुसंधान एवं मानकीकरण प्रयोगशाला) के सामने बनेगा। शिप्रा सन सिटी, अहिंसाखंड और वैभवखंड के लोगों के लिए नजदीक होगा। दूसरा स्टेशन डीपीएस इंदिरापुरम होगा, जो निराला ईडन पार्क के ठीक सामने बनेगा। तीसरा स्टेशन शक्तिखंड बनेगा, ये गौड़ साई सेलेस्टियल और द ग्रैंड प्लाजा के बीच बनाया जाएगा। पास में एसटीपी भी है। यही तीन स्टेशन सड़क के बीच बनेंगे। इन्हें बनाने के जमीन खरीदने की जरूरत नहीं होगी। सिर्फ एंट्री और एग्जिट के लिए सीढ़ी बनाने को भूमि चाहिए होगी।

इसके बाद कॉरिडोर कनावनी पुलिया से पहले सड़क किनारे टर्न कर जाएगा। यहां से एलिवेटेड रोड के ऊपर से कॉरिडोर सड़क के किनारे-किनारे आगे निकल जाएगा। चौथा स्टेशन वसुंधरा सेक्टर पांच होगा। जो, बुद्ध चौक से पहले गोल्ड प्लेट बैंक्वेट के सामने लिंक रोड पर करके कृषि भूमि पर बनाना प्रस्तावित है। पांचवां स्टेशन वसुंधरा सेक्टर-दो बनाया जाएगा। इसकी लोकेशन निर्धारित अभी होना है।

मूल डीपीआर में यह था कि शिवाजी भोंसले मार्ग (खुला मैदान) रोटरी से टर्न कर मदन मोहन मालवीय मार्ग (वैशाली-मोहननगर मार्ग) पर ग्रीन बेल्ट पर कॉरिडोर बनाया जाए। उसमें इस मार्ग पर भारत बैटरी कंपनी के सामने वसुंधरा की तरफ इस स्टेशन को बनाना प्रस्तावित किया गया था। रैपिड रेल के साहिबाबाद स्टेशन से इस स्टेशन को जोड़ना है। वसुंधरा सेक्टर-दो स्टेशन के लिए जगह पर मंथन चल रहा है। कॉरिडोर का अलाइनमेंट बदलने की संभावनाएं तलाशने के लिए अध्ययन किया जा रहाहै।

इस रूट पर जिन स्टेशनों की जगह तय हो चुकी है, उनमें छठा स्टेशन मोहननगर है। यह स्टेशन मेट्रो फेज-दो (दिलशाद गार्डन-शहीद स्थल न्यू बस अड्डा कॉरिडोर) के मोहननगर स्टेशन से थोड़ा पहले मदन मोहन मालवीय मार्ग पर बनाया जाएगा।

3 स्टेशनों की दूरी एक किलोमीटर से कम

नोएडा इलेक्ट्रॉनिक सिटी से वैभवखंड स्टेशन की दूरी 1.125 किलोमीटर

वैभवखंड से डीपीएस इंदिरापुरम स्टेशन की दूरी महज 777.7 मीटर

डीपीएस इंदिरापुरम से शक्तिखंड की दूरी 725.3 किलोमीटर

शक्तिखंड से वसुंधरा सेक्टर-पांच की दूरी 1.289 किलोमीटर

वसुंधरा सेक्टर पांच से सेक्टर दो स्टेशन की दूरी 1.377 किलोमीटर

वसुंधरा सेक्टर दो से मोहननगर स्टेशन की दूरी 880.5 मीटर

कंचन वर्मा (वीसी, जीडीए) के अनुसार, मेट्रो फेज-तीन के पांच स्टेशनों की लोकेशन पर सहमति बन चुकी है। केवल वसुंधरा सेक्टर-दो की लोकेशन बदलेगी। डीपीआर में मामूली संशोधन के बाद जमीन का इंतजाम होगा।

यह मेट्रो कॉरिडोर 5.917 किलोमीटर लंबा होगा

कॉरिडोर बनाने के लिए 57279.7 वर्ग मीटर जमीन की जरूरत

स्टेशन बनाने के लिए 11333.9 वर्ग मीटर भूमि चाहिए

रनिंग कॉरिडोर के लिए 45945.8 वर्ग मीटर भूमि की जरूरत

ज्यादातर सरकारी भूमि उपलब्ध, 8110 वर्ग मीटर खरीदनी होगी

1866 करोड़ रुपये लागत

इस कॉरिडोर के निर्माण में 1866 करोड़ रुपये लागत का आंकलन किया गया है। डीपीआर में 1567.20 करोड़ रुपये की व्यवस्था राज्य सरकार के विभागों को करनी होगी। यह आर्थिक बोझ जीडीए, नगर निगम, आवास विकास परिषद और यूपीएसआइडीसी पर पड़ेगा। 274.80 करोड़ रुपये की फंडिंग केंद्र सरकार के पाले में आएगी।

इन स्टेशनों पर लग चुकी है मुहर

वैभवखंड

डीपीएस इंदिरापुरम

शक्तिखंड

वसुंधरा सेक्टर पांच

मोहननगर

चार जिलों को होगा फायदा

मेरठ, हापुड़, गाजियाबाद और नोएडा के लोग मेट्रो के जरिये आसान से दिल्ली जा सकेंगे।

नोएडा के सेक्टर-63 इलेक्ट्रॉनिक सिटी मेट्रो स्टेशन से वैभव खंड, डीपीएस इंदिरापुरम, शक्ति खंड, वसुंधरा सेक्टर-5, वसुंधरा सेक्टर-2 और मोहन नगर तक जुड़ेंगे।

वसुंधरा सेक्टर-2 से वैशाली तक के सेक्शन पर साहिबाबाद तक आना होगा। यहां से रैपिड रेल के स्टेशन तक वॉकवे से जाकर रैपिड रेल के सहारे भविष्य में मेरठ और दिल्ली के सराय काले खां तक जा सकेंगे।

ग्रेटर नोएडा के निवासी एक्वा लाइन का सहारा लेते हुए सेक्टर-51 मेट्रो स्टेशन पर उतरेंगे।

यहां से ब्लू लाइन के सेक्टर-52 मेट्रो स्टेशन से सेक्टर-63 के इलेक्ट्रॉनिक सिटी मेट्रो स्टेशन होते हुए आगे का सफर तय कर सकेंगे। रैपिड रेल कॉरिडोर और मेट्रो के चलने से नोएडा, गाजियाबाद, मेरठ के लोगों का सफर काफी आसान हो जाएगा। मेरठ के लोगों का दिल्ली, नोएडा और गाजियाबाद तक पहुंचना काफी आसान हो जाएगा। वह रैपिड रेल नेटवर्क से गाजियाबाद और दिल्ली से जुड़ेंगे और मेट्रो से नोएडा तक आ सकेंगे।

भाजपा ने गठबंधन पर साधा निशाना

सत्तारूढ़ गठबंधन के नेताओं की इस तकरार पर भाजपा ने निशाना साधा है। प्रदेश भाजपा अध्यक्ष बीएस येद्दयुरप्पा ने कहा कि यह विश्वनाथ का बयान नहीं, बल्कि वह है जो कुमारस्वामी उनके जरिये कहना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि लोकसभा चुनाव के दौरान इस तरह के बयान से साफ है कि दोनों दल भले ही साथ चुनाव लड़ रहे हैं उनके जमीनी स्तर के कार्यकर्ताओं के बीच दुश्मनी बनी हुई है।

चुनाव बाद भाजपा विधायक कांग्रेस में आएंगे वहीं, कांग्रेस के कर्नाटक मामलों के प्रभारी महासचिव केसी वेणुगोपाल ने सोमवार को दावा किया कि लोकसभा चुनाव के बाद भाजपा के कई विधायक कांग्रेस में शामिल होंगे। उन्होंने यह भी कहा कि 23 मई के बाद केंद्र में कांग्रेस की सरकार बनेगी। फिर भाजपा किस तरह से कर्नाटक सरकार को अस्थिर करेगी। इससे पहले कर्नाटक के मंत्री और कांग्रेस नेता बीजेड जमीर अहमद खान ने भी कहा था कि भाजपा के 10 विधायक उनकी पार्टी के संपर्क में हैं।