नई दिल्ली। पुलवामा आतंकी हमले के बाद सरकारी रेलवे पुलिस (जीआरपी) द्वारा संचालित दिल्ली के 45 रेलवे स्टेशनों की सुरक्षा ऑडिट की गई। इस ऑडिट में वर्तमान सुरक्षा ढांचे में गंभीर कमी सामने आई है। ऑडिट रिपोर्ट में उल्लेख किया गया है कि 45 में से 11 रेलवे स्टेशनों में कोई यात्री बैग स्कैनर नहीं है। जबकि, चार स्टेशन ऐसे हैं जहां घुसपैठ को रोकने के लिए बाउंड्री वॉल तक नहीं है।

अधिकारियों को भेजी गई ऑडिट रिपोर्ट

ऑडिट रिपोर्ट में आगे कहा गया है कि राष्ट्रीय राजधानी में रेलवे स्टेशनों को परिसर में हथियारों, गोला-बारूद और विस्फोटकों के प्रवेश को रोकने के लिए 416 सीसीटीवी कैमरों, 16 बैगेज स्कैनर और 15 डोर फ्रेम मेटल डिटेक्टर (डीएफएमडी) की कमी का सामना करना पड़ता है। बता दें कि, पुलवामा आतंकी हमले के एक हफ्ते के भीतर ही फरवरी में दिल्ली के सभी स्टेशनों का ऑडिट कराया गया था। इस ऑडिट रिपोर्ट की एक कॉपी उत्तर रेलवे के दिल्ली डिवीजन के वरिष्ठ अधिकारियों को भी भेजी गई है।

इन स्टेशनों पर नहीं है बाउंड्री वॉल

ऑडिट रिपोर्ट के अनुसार दिल्ली के 45 रेलवे स्टेशनों में से 11 में एक भी यात्री बैग स्कैनर नहीं है। इनमें सब्ज़ी मंडी, दयाबस्ती, सकुर बस्ती, मंगोलपुरी, नांगलोई, मुंडका, गुगरा, पालम, सदर बाजार, शाहदरा और विवेक विहार शामिल है। इसके अलावा चार रेलवे स्टेशनों शाहदरा, सदर बाजार, एसपी मार्ग और विवेक विहार में अवैध घुसपैठ को रोकने के लिए कोई बाउंड्री वॉल तक नहीं है।

यात्रियों को स्कैन करने के लिए भी नहीं है DFMD

ऑडिट रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि कई रेलवे स्टेशनों में DFMD की कमी है। इसका उपयोग रेलवे स्टेशनों में प्रवेश करने वाले यात्रियों को स्कैन करने के लिए किया जाता है। ये स्टेशन शिवाजी ब्रिज और तिलक ब्रिज हैं, जो कनॉट प्लेस के काफी करीब हैं। रिपोर्ट में यह भी उल्लेख किया गया है कि नई दिल्ली रेलवे स्टेशन के पार्सल एरिया में एक दिन में कम से कम 3 लाख का फुटफॉल होता है, लेकिन वहां भी कोई DFMD नहीं है।

अधिकारी ने रिपोर्ट शेयर करने से किया इनकार

रिपोर्ट में आगे कहा गया है कि पुरानी दिल्ली रेलवे स्टेशन और शाहदरा स्टेशन पर लगे सीसीटीवी कैमरे काफी पुराने हैं और उनकी छवियां बहुत खराब हैं। इन सीसीटीवी कैमरों को बदलना आवश्यक है। इतनी सारी कमियों के बाद जब कुछ मीडियाकर्मियों ने ऑडिट के बारे में पूछा तो पुलिस उपायुक्त (रेलवे) दिनेश कुमार गुप्ता ने जानकारी शेयर करने से इनकार कर दिया। हालांकि, उन्होंने कहा कि आतंकी हमले की संभावनाओं के खिलाफ तैयारियों की जांच के लिए ऑडिट कराया गया था।

उत्तर रेलवे के दिल्ली डिवीजन के डिवीजनल रेलवे मैनेजर (DRM) आरएन सिंह ने कहा कि वे मौजूदा सुविधा और निगरानी उपकरणों को अपग्रेड करने की दिशा में काम कर रहे हैं। वहीं, कुछ विशेषज्ञों का मानना ​​है कि एक लाख यात्रियों को स्कैन करना संभव नहीं है और इसलिए रेलवे स्टेशनों पर खुफिया एकत्रीकरण और निगरानी उपकरणों के उन्नयन पर ध्यान केंद्रित किया जाना चाहिए।