महेश कुमार वैद्य, रेवाड़ी। हरियाणा में 22वें एम्स की घोषणा के साथ इसके इतिहास पर भी चर्चा शुरू हो गई है। 2012 से पहले देश में एम्स (आल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज) निर्माण का सफर ठहरा हुआ था। 1952 में नई दिल्ली में पहले एम्स की आधारशिला रखे जाने के बाद 'एम्स एक्सप्रेस' 55 वर्षों तक दिल्ली में रुकी रही। 2007 में उत्तर प्रदेश के रायबरेली में एम्स खोलने की घोषणा हुई, लेकिन जमीन अधिग्रहण का काम 2012 में ही हुआ। इसके बाद एम्स की घोषणाओं में एकाएक तेजी आ गई।

डॉ. मनमोहन सिह ने 2012 में देश में एक साथ छह एम्स खोलने की घोषणा की। 2014 में सत्ता संभालने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अब तक कुल 14 एम्स बनाने की घोषणाएं की है। इनमें सबसे बाद में रेवाड़ी जिले के मनेठी में बनने वाला एम्स है। विशेष बात यह है कि मोदी और मनमोहन के कार्यकाल में जिस तेजी से घोषणाएं हुई, उस तेजी से काम नहीं हुआ है। फिर भी लोगों में खुशी है कि घोषणा और शिलान्यास के बाद उन सभी इलाकों को देर-सवेर बड़ा तोहफा मिल ही जाएगा।

इस तरह हुई थी पहल

तत्कालीन प्रधानमंत्री पं. जवाहरलाल नेहरू की पहल पर तत्कालीन केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री राजकुमारी अमृतकौर ने सार्थक प्रयास करते हुए वर्ष 1952 में नई दिल्ली में पहले एम्स का शिलान्यास कराया था। 1956 में संसद के अधिनियम द्वारा एक स्वायत्त संस्थान के रूप में एम्स का सृजन करवाया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने प्रधानमंत्री स्वास्थ्य सुरक्षा योजना के तहत एम्स निर्माण के काम को तेजी से आगे बढ़ाया।

सरकार का लक्ष्य 2022 तक हर राज्य में एम्स खोलने का है। कुछ राज्यों में घोषणा के बावजूद अंतिम रूप से जगह तय नहीं की जा सकी है। इस दिशा में प्रयास जारी हैं। कब कहां पर हुई एम्स खोलने की घोषणा नाम राज्य घोषणा/शिलान्यास दिल्ली दिल्ली 1952 रायबरेली उत्तर प्रदेश 2007 भोपाल मध्यप्रदेश 2012 भुवनेश्वर उड़ीसा 2012 जोधपुर राजस्थान 2012 पटना बिहार 2012 रायपुर छत्तीसगढ़ 2012 मांगलगिरी आंध्रप्रदेश 2015 नागपुर महाराष्ट्र 2015 कल्याणी पश्चिम बंगाल 2015 बिहार बिहार 2016 भठिडा पंजाब 2016 गोरखपुर उत्तर प्रदेश 2016 भठिडा पंजाब 2016 कामरूप असम 2017 बिलासपुर हिमाचल प्रदेश 2018 देवघर झारखंड 2018 मुदरै तमिलनाडु 2019 गुजरात गुजरात 2019 विजयपुर जम्मू-कश्मीर 2019 अवंतीपोरा जम्मू-कश्मीर 2019 रेवाड़ी हरियाणा 2019

प्रत्येक एम्स स्वायत्तशासी संस्थान है। केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने एम्स परियोजनाओं को सिरे चढ़ाने के लिए अलग से व्यवस्था की है। उच्च स्तरीय चिकित्सा सेवा और अनुसंधान के मामले में एम्स का कोई सानी नहीं है। मनेठी में बनने वाले एम्स में दिल्ली एम्स की भूमिका निर्माण पूरा होने तक सिर्फ तकनीकी और कुछ अन्य बिदुओं पर सहयोग देने की रहेगी। -डा. रणदीप गुलरिया, निदेशक-एम्स, नई दिल्ली