नई दिल्ली। दिल्ली पुलिस के सिपाहियों को ठुल्ला कहने के मामले में मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के खिलाफ दायर आपराधिक मानहानि के मुकदमे में दिल्ली हाई कोर्ट ने भी मौजूदा राजनीतिक परिवेश के अनुरूप टिप्पणी की है। न्यायमूर्ति अनु मल्होत्रा ने सवाल किया कि अगर मुख्यमंत्री वित्त मंत्री अरुण जेटली समेत अन्य लोगों से माफी मांग सकते हैं तो फिर पुलिसकर्मियों को ठुल्ला कहने के मामले में माफी क्यों नहीं मांग सकते।

पीठ ने कहा कि अगर मुख्यमंत्री अपने अन्य बयान के लिए माफी मांग रहे हैं तो वह ऐसा ही पुलिसकर्मियों के मामले में करके क्यों नहीं मामले को खत्म कर लेते। इस पर मुख्यमंत्री केजरीवाल की ओर से पेश वकील ने कहा कि वह इस संबंध में उनके निर्देश लेने के बाद ही कुछ कह पाएंगे। इस पर कोर्ट ने सुनवाई के लिए मामले को 29 मई के लिए सूचीबद्ध कर लिया।

कोर्ट केजरीवाल द्वारा आपराधिक मानहानि के मुकदमे को खत्म करने के लिए दायर याचिका पर सुनवाई कर रहा है। वहीं दूसरी तरफ मुख्यमंत्री की याचिका का अपने वकील एनएन राव की तरफ से विरोध करते हुए याची सिपाही ने कहा था कि मुख्यमंत्री केजरीवाल ने ठुल्ला शब्द का इस्तेमाल करके सभी सीमाएं पार कर दी हैं।

ज्ञात हो कि सिपाही ने 23 जुलाई 2015 को याचिका दायर कर आरोप लगाया था कि मुख्यमंत्री केजरीवाल ने ठुल्ला कहकर पूरी दिल्ली पुलिस का अपमान किया है। इस पर अदालत ने गत जुलाई में केजरीवाल से ठुल्ला शब्द की व्याख्या करने के निर्देश दिए थे। पूर्व में केजरीवाल के वकील ने अदालत से कहा था कि ठुल्ला शब्द का इस्तेमाल सभी पुलिसकर्मियों के खिलाफ न होकर गलत कार्यों में लिप्त लोगों के लिए था।