ग्रेटर नोएडा। उप्र के गौतमबुद्ध नगर जिला न्यायालय ने चेक बाउंस के मामले में 2014 में दर्ज किए गए परिवाद में सुनवाई के दौरान मेसर्स शुभम कंस्ट्रक्शन कंपनी को दोषी माना है। कंपनी के अधिकृत भागीदार आरोपित विनोद शर्मा निवासी एडब्ल्यूएचओ सोसायटी ग्रेटर नोएडा को एक साल के सश्रम कारावास की सजा सुनाई गई है और 23 लाख का जुर्माना कोर्ट द्वारा लगाया गया है।

अधिवक्ता सुरेंद्र सिह भाटी ने बताया कि पी थ्री सेक्टर के रहने वाले मनोज कुमार ने 2014 में चेक बाउंस का मुकदमा कोर्ट में दर्ज कराया था। जिसमें कहा गया था कि मेसर्स शुभम कंस्ट्रक्शन कंपनी द्वारा अधिकृत भागीदार विनोद कुमार शर्मा के साथ लाभ कमाने हेतु भागीदारी की थी।

मनोज ने विनोद को भागीदार के रूप में 24 लाख 40 हजार रुपये दिए थे। इसके बाद मतभेद होने पर वे अलग हो गए। आरोपित विनोद ने मनोज को तीन अलग-अलग चेक 12 लाख, 13 लाख 50 हजार व दस लाख के दिए। जो बाउंस हो गए। विनोद ने कुछ पैसे डीडी के माध्यम से दिए। अपना पूरा रुपया वापस नहीं मिला तो पीड़ित ने कोर्ट में एनआइएक्ट के तहत परिवाद दर्ज कराया।

कोर्ट ने मेसर्स शुभम कंस्ट्रक्शन कंपनी द्वारा अधिकृत भागीदार विनोद कुमार शर्मा को दोषी मानते हुए एक साल का सश्रम कारावास एवं 23 लाख का जुर्माना लगाया है।