नई दिल्ली। लाभ का पद मामले में आम आदमी पार्टी (आप) के 20 विधायक गुरुवार को चुनाव आयोग में अपना पक्ष रखेंगे। आयोग ने इन्हें दोपहर तीन बजे खुद पेश होकर या वकील के माध्यम से पक्ष रखने को कहा है।

हाई कोर्ट ने 23 मार्च को इन विधायकों की विधानसभा की सदस्यता खत्म करने के लिए केंद्र सरकार द्वारा जारी अधिसूचना को रद करते हुए चुनाव आयोग को नए सिरे से मामले की सुनवाई करने का आदेश दिया था।

विधायकों की दलील थी कि चुनाव आयोग में उन्हें अपना पक्ष रखने का मौका नहीं दिया गया है।

हाई कोर्ट ने कहा था कि चुनाव आयोग सभी मामले को गंभीरता से सुने और देखे कि सरकार के लिए लाभ का पद का क्या मतलब है।

आयोग मामले का दोबारा से परीक्षण कर तय करे कि लाभ का पद मामले में आप विधायक अयोग्य हैं या नहीं।

बता दें कि मार्च, 2015 में दिल्ली सरकार ने आप विधायकों को मंत्रियों का संसदीय सचिव बनाया था। इसे लाभ का पद बताते हुए वकील प्रशांत पटेल ने राष्ट्रपति से शिकायत की थी।