नई दिल्ली। दिल्ली में सीलिंग के मुद्दे को लेकर बुलाई गई बैठक के बाद उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने भाजपा पर बड़ा हमला बोला है। सिसोदिया ने कहा कि भाजपा चाहती तो सीलिंग को रुकवा सकती थी, अब भी भाजपा रुकवा सकती है। मगर भाजपा इसे रुकवाना नहीं चाहती है। इसके पीछे एफडीआइ को लागू करना भाजपा की रणनीति है।

उन्होंने कहा कि दिल्ली में सीलिंग को लेकर लाखों लोग परेशान हैं। लोग इस बात को लेकर चिंतित हैं। इसी को लेकर मुख्यमंत्री जी ने मंगलवार को बैठक बुलाई थी। कांग्रेस तो इसमें शामिल हुई, मगर यह दुखद है कि भाजपा बैठक में शामिल नहीं हुई। फैसला हुआ है कि आम आदमी पार्टी और कांग्रेस के सांसद में इस मामले को उठाएंगे और मॉनीटरिंग कमेटी में भी जाएंगे। उन्होंने बताया कि 351 सड़कों को लेकर सोमवार को दिल्ली सरकार सुप्रीम कोर्ट में जाएगी।

सीलिंग मुद्दे पर सोमवार को प्रदेश भाजपा के महामंत्री कुलजीत चहल, राजेश भाटिया और रविंद्र गुप्ता ने अरविंद केजरीवाल को लिखे पत्र में सर्वदलीय बैठक को कांग्रेस और आम आदमी पार्टी (आप) की साठगांठ बताया था।

उन्होंने लिखा है कि दिल्ली में हो रही सीलिंग वर्ष 2007 में तत्कालीन कांग्रेस सरकार द्वारा मास्टर प्लान में आधे-अधूरे संशोधन करने का परिणाम है। सीलिंग पर केजरीवाल शुरुआत से ही राजनीति कर रहे हैं, क्योंकि दिल्ली सरकार के अधिकार क्षेत्र में आने वाले कार्य को भी सरकार ने नहीं किया।

यही वजह है कि 351 सड़कों को सीलिंग से राहत दिलाने के लिए अधिसूचना जारी नहीं की गई। पत्र के मुताबिक, सीएम आवास पर सीलिंग के मुद्दे पर दिल्ली भाजपा के अध्यक्ष मनोज तिवारी खुद चर्चा करने के लिए आए थे, लेकिन उस दिन उनके साथ हुए दुर्व्यहार स्थापित हो गया कि आप राजनीतिक संवाद में विश्वास नहीं रखती है। साथ ही भाजपा ने सीएम केजरीवाल को सुझाव दिया कि वह इस मुद्दे की सुप्रीम कोर्ट में पैरवी के लिए प्रतिष्ठित वकील नियुक्त करें।

राजकीय यात्रा पर राष्ट्रपति के साथ गए हैं मनोज तिवारी

पत्र में भाजपा ने आप के द्वारा मनोज तिवारी की विदेश यात्रा को मुद्दा बनाने के बयान की भी कड़ी निंदा की। भाजपा ने कहा कि मनोज तिवारी राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के साथ राजकीय यात्रा पर गए हैं।