नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को मिले 1,800 से अधिक स्मृति चिह्नों की नीलामी का काम एक पखवाड़े की लंबी कवायद के बाद पूरा कर लिया गया। यह जानकारी प्रधानमंत्री कार्यालय ने रविवार को दी। हालांकि अभी तक यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि इसके माध्यम से कितने पैसे जुटाए जा सके हैं।

बता दें कि इस पैसे का उपयोग केंद्र सरकार द्वारा गंगा सफाई के लिए चलाए जा रहे नमामि गंगे अभियान में किया जाना है। नेशनल गैलरी ऑफ मॉडर्न आर्ट (एनजीएमए) में आयोजित नीलामी के दौरान विशेष रूप से दस्तकारी वाली लकड़ी की बाइक के लिए पांच लाख रुपये की सफल बोली लगी। जबकि पीएम मोदी को रेलवे प्लेटफॉर्म पर दिखाने वाली एक अनोखी पेंटिंग को भी इतने ही पैसे में खरीदा गया।

प्रधानमंत्री कार्यालय द्वारा जारी बयान के मुताबिक नीलामी के लिए भगवान शिव की एक प्रतिमा को भी रखा गया था। इसका आधार मूल्य पांच हजार रुपये था, लेकिन यह 200 गुना ज्यादा कीमत यानी दस लाख रुपये में बिकी। अशोक स्तंभ की लकड़ी की प्रतिकृति जिसकी आधार कीमत 4,000 रुपये रखी गई थी, उसे 13 लाख रुपये में एक व्यक्ति ने खरीदा।

असम राज्य का पारंपरिक प्रतीक 'होरई' की आधार कीमत दो हजार रुपये रखी गई थी, लेकिन यह 12 लाख रुपये में बिका। भगवान गौतम बुद्ध की एक प्रतिमा जिसकी आधार कीमत चार हजार रुपये रखी गई थी वह सात लाख रुपये में बिकी। बता दें कि गुजरात के मुख्यमंत्री रहने के दौरान मिले स्मृति चिह्नों की भी नीलामी की गई थी। उससे मिले पैसों का प्रयोग लड़कियों की शिक्षा के लिए किया गया था।