नई दिल्ली। पराली जलाने से होने वाले वायु प्रदुषण को लेकर NGT बेहद चिंतित है। नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) ने कृषि मंत्रालय को पराली जलाने पर अंकुश लगाने के लिए उठाए गए कदमों पर दो हफ्ते में स्थिति रिपोर्ट सौंपने के लिए कहा है। ट्रिब्यूनल ने मंत्रालय से रोकथाम के कदमों की निगरानी जारी रखने के लिए कहा है। मंत्रालय से 30 अप्रैल से पहले स्थिति रिपोर्ट सौंपने को कहा है। जानकारी के मुताबिक, कृषि मंत्रालय से अभी तक ट्रिब्यूनल को कोई रिपोर्ट नहीं मिली है।

NGT के अध्यक्ष जस्टिस आदर्श कुमार गोयल की अध्यक्षता वाली बेंच ने कृषि मंत्रालय से ई-मेल के माध्यम से रिपोर्ट भेजने के लिए कहा है। बेंच ने कहा, 'बाध्य करने वाला कदम उठाने से पहले हम मंत्रालय को ई-मेल से दो सप्ताह में रिपोर्ट सौंपने का एक मौका दे रहे हैं। इसमें विफल रहने पर हम सचिव को व्यक्तिगत रूप से हाजिर होने के लिए बाध्य कर सकते हैं। यदि जरूरी हुआ तो दंडात्मक कार्रवाई भी कर सकते हैं।'

ट्रिब्यूनल ने निर्देश दिया कि रिपोर्ट बढ़ी हुई समस्या का आंकलन और निराकरण के उठाए गए एवं प्रस्तावित कदमों के लिहाज से हो सकता है। मामले पर आगे की सुनवाई 28 मई को होगी।

इससे पहले NGT ने कहा था कि पराली जलाने की समस्या के दीर्घकालिक समाधान तलाशने की जरूरत है। NGT ने चार राज्यों के मुख्य सचिवों से हाजिर होने और इसपर रोक लगाने के उपाय बताने के लिए कहा था। अंग्रेजी दैनिक की खबर पर संज्ञान लेने के बाद सुनवाई शुरू की गई है।