नोएडा। देश के सबसे बड़े भूमाफिया में से एक मोती गोयल की सोमवार शाम लगभग पांच बजे नोएडा के सेक्टर 49 के हिडन विहार के पास गोली मारकर हत्या कर दी गई। वह मेन रोड के किनारे प्लाट पर मकान बनाने के लिए नींव खुदवा रहा था। इस दौरान पल्सर सवार दो शूटर पहुंचे। आठ-दस राउंड फायरिग की। तीन गोलियां मोती को लगीं जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई।

एक गोली सिर में लगी है। घटना के बाद वहां काम कर रहे मजदूर भी भाग खड़े हुए। जिस दौरान घटना हुई, उस समय कुछ ही दूरी पर सीओ गश्त करते हुए निकल रहे थे। हत्या की सूचना आग की तरह फैली, जिसके बाद घटनास्थल पर भारी भीड़ एकत्र हो गई। इस दौरान नोएडा-ग्रेटर नोएडा मार्ग पर जाम लग गया।

ऐसे सामने आया था जमीन का महाघोटाला

2005 में उप्र के गौतमबुद्ध नगर जिला प्रशासन को शिकायत प्राप्त हुई थी कि मोती गोयल ने फर्जी दस्तावेज के आधार पर गाजियाबाद, गौतमबुद्धनगर और बुलंदशहर में अरबों की सरकारी जमीन पर कब्जा कर रखा है। शिकायत के आधार पर गौतमबुद्धनगर के तत्कालीन जिलाधिकारी संतोष यादव ने मामले की जांच कराई। जांच में जमीन कब्जाने का मामला सही पाया गया। इसके बाद जमीन कब्जाने के आरोप में मोती गोयल सहित 12 के खिलाफ सूरजपुर थाने में एफआइआर दर्ज कराई गई थी। मामला सुर्खियों में आने के बाद केस की जांच सीबीआइ को ट्रांसफर कर दी गई थी। इसके बाद सीबीआइ ने सभी आरोपितों को गिरफ्तार करजेल भेज दिया था।