नई दिल्ली। उपहार सिनेमा अग्निकांड (1997) में सुबूतों से छेड़छाड़ करने के मामले में सिनेमाघर के मालिक सुशील अंसल व गोपाल अंसल के खिलाफ पटियाला हाउस कोर्ट ने गैर जमानती वारंट जारी किया है।

अदालत ने यह वारंट हाई कोर्ट के सप्ताह में तीन बार सुनवाई करने के आदेश का अनुपालन करने की मांग को लेकर 'एसोसिएशन ऑफ विक्टिम ऑफ उपहार ट्रेजडी' की अध्यक्ष नीलम कृष्णमूर्ति के आवेदन पर जारी किया। 31 जनवरी 2003 को निचली अदालत ने रिकॉर्ड रूम से कुछ दस्तावेज गायब होने पर जांच के आदेश दिए थे।

अंसल प्रॉपर्टी लिमिटेड के उपाध्यक्ष वीके नागपाल द्वारा दिल्ली दमकल विभाग को लिखे गए पत्र व दस्तावेजों के साथ भी छेड़छाड़ होने की बात सामने आई। जांच के बाद अदालत के एक कर्मचारी को बर्खास्त किया गया था।

सुशील अंसल, गोपाल अंसल, अनूप सिंह, प्रेमप्रकाश बत्रा, हरस्वरूप पवार, धर्मवीर मल्होत्रा और दिनेश चंद्र शर्मा पर दस्तावेजों के साथ छेड़छाड़ का आरोप लगा। यह मामला निचली अदालत में 2006 से चल रहा है।

मजिस्ट्रेट अदालत ने मई 2014 में सात आरोपितों के खिलाफ आरोप तय करने के आदेश दिए थे। सभी आरोपितों ने अपने ऊपर लगाए गए आरोपों को बेबुनियाद करार दिया था।

निचली अदालत के आदेश को हाई कोर्ट ने 12 मई 2018 को बरकरार रखा था। हाई कोर्ट ने 6 दिसंबर 2018 को निचली अदालत को आदेश दिया कि वह हर सप्ताह तीन तारीख लगाकर सुनवाई करे और 15 जुलाई 2019 तक फैसला सुनाए।

हाई कोर्ट ने दिल्ली सरकार व अन्य पक्षों को जल्द सुनवाई के लिए सहयोग करने का भी निर्देश दिया था। 13 जून 1997 को उपहार सिनेमा में एक हिंदी फिल्म के दौरान आग लग गई थी, जिसमें 59 लोगों की मौत हुई थी।

इस घटना में नीलम कृष्णमूर्ति के दो बच्चों की मौत हो गई थी। तभी से वह कानूनी लड़ाई लड़ रही हैं।