नई दिल्ली। राष्ट्रीय राजधानी के करोलबाग इलाके में स्थित होटल अर्पित पैलेस में मंगलवार सुबह भीषण आग लगने से एक आयकर अधिकारी समेत 17 लोगों की मौत हो गई। हादसे में तीन लोग बुरी तरह झुलस गए, जिनका अलग-अलग अस्पतालों में इलाज चल रहा है। मृतकों में 10 पुरुष, छह महिलाएं और एक बच्चा शामिल हैं। इनमें अब तक 13 की ही पहचान हो पाई है। इनमें से अधिकतर केरल के थे।

वहीं, हादसे में म्यांमार से आए दो पर्यटक और हरियाणा के पंचकूला निवासी आइआरएस अधिकारी सुरेश कुमार की भी मौत हुई है। इस दौरान आग में फंसे 35 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया है। आग लगने की वजह शॉर्ट सर्किट बताई जा रही है। 46 कमरों वाले अर्पित होटल में यह हादसा उस समय हुआ जब 53 जब गहरी नींद में थे। यह पांच मंजिला बना हुआ है। जबकि चार मंजिला बनाने की ही इजाजत है।

दिल्ली में हुआ यह दर्दनाक हादसा पहला नहीं है। इससे पहले भी देश में कई ऐसी घटनाएं हुईं हैं जिनमें लोगों की जान गई है।

- 13 जून 1997- हौजखास स्थित उपहार सिनेमा में फिल्म "बॉर्डर" की स्क्रीनिग के दौरान भयानक आग लग गई थी। आगजनी में 59 लोग मारे गए थे और 100 से ज्यादा लोग घायल हो गए थे।

- 23 दिसंबर 2004- तमिलनाडु के श्रीरंगम स्थित एक मैरिज हॉल में आग लगने से 50 लोगों की मौत हो गई थी जबकि 40 लोग घायल हुए थे।

-16 जुलाई 2004- तमिलनाडु के कुंभकोणम में आग लगने की एक घटना में 91 स्कूली बच्चों की मौत हुई थी।

-15 सितंबर 2005- बिहार के खुसरोपुर गांव में अवैध पटाखा फैक्ट्री में आग लगने से 35 लोगों की मौत हो गई थी वहीं 50 लोग घायल हुए थे।

-10 अप्रैल 2006- मेरठ के एक मेले के शामियाने में आग लगने से 64 लोगों की मौत हो गई थी वहीं 80 लोग गंभीर रूप से घायल हुए थे।

-22 फरवरी 2006- तमिलनाडु की पटाखा फैक्ट्री में आग लगने से 10 लोगों की मौत हुई थी और 19 लोग घायल हुए थे।

-20 नवंबर 2011- पूर्वी दिल्ली में आयोजित किन्नरों के सम्मेलन में आग लगने से 14 लोगों की मौत हो गई थी वहीं 30 लोग घायल हुए थे।

-9 दिसंबर 2011- कोलकाता के एएमआरआइ हॉस्पिटल में आग लगने से 73 लोगों की मौत हुई थी।

- 6 अगस्त 2011- तमिलनाडु के ऐरवादी में निजी मानसिक उपचार केंद्र में आग लगने से 28 लोगों की मौत हुई थी।

-29 दिसम्बर 2017- मुंबई के मोजो बिस्त्रों रेस्त्रां में आग लगने से 14 लोगों की मौत हुई थी।

20 जनवरी 2018- बवाना में पटाखा फैक्ट्री में लगी आग। उक्त घटना में 10 महिलाएं और 7 पुरुषों की जान चली गई।