नई दिल्ली। बाहरी दिल्ली के रोहिणी स्वर्ण जयंती पार्क के समीप सोमवार तड़के दिल्ली के सबसे कुख्यात नीरज बवाना गिरोह के शूटरों और दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल के बीच मुठभेड़ हो गई। सेल ने जब बदमाशों की कार को रोकने का इशारा किया तो वे रफ्तार तेज कर भागने लगे। पुलिसकर्मियों ने पीछा कर कार रोकी तो बदमाशों ने गोलियां चलानी शुरू कर दीं।

सेल की टीम ने भी जवाबी फायरिग की, जिसमें तीन बदमाशों के पैर में गोली लगने से वे घायल हो गए। मुठभेड़ के बाद पुलिस ने कार सवार सभी पांच बदमाशों को दबोच लिया, जिनमें एक 17 साल का नाबालिग शामिल है। मुठभेड़ में सेल के दो पुलिसकर्मियों के बुलेटप्रूफ जैकेट पर गोली लगने से वे बाल-बाल बच गए।

डीसीपी स्पेशल सेल संजीव कुमार यादव के मुताबिक, गिरफ्तार शूटरों के नाम सुनील उर्फ भूरा, सुखविदर उर्फ संजू, अर्पित छिल्लर व रविद्र है। इसके अलावा एक नाबालिग है। 24 वर्षीय सुनील रोहतक का रहने वाला है, जिस पर राजस्थान और हरियाणा में संगीन आपराधिक मामले दर्ज हैं।

23 वर्षीय सुखविदर भिवानी का रहने वाला है। 20 वर्षीय अर्पित छिल्लर बहादुरगढ़ का रहने वाला है। वहीं रविद्र, सोनीपत का रहने वाला है। नीरज बवाना के शूटर मोनू बाजितपुर व सोनू उर्फ छिद्दी से परिचय होने पर ये सभी अपराध करने लगे।

पांचों के पास से एक प्वाइंट 32 बोर की पिस्टल और उसके तीन कारतूस, चार कट्टा और उसके आठ कारतूस के अलावा वारदात में इस्तेमाल कार बरामद हुई है।