नई दिल्ली। आयकर विभाग ने सोमवार को हवाला कारोबार के बड़े गिरोह का भंडाफोड़ करने का दावा किया है। यह गिरोह राष्ट्रीय राजधानी में करीब 20 हजार करोड़ रुपये का मनी लांड्रिंग रैकेट चला रहा था।

विभाग के आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि पुरानी दिल्ली के विभिन्न कारोबारी क्षेत्रों में पिछले कुछ सप्ताह के दौरान आयकर विभाग की दिल्ली इकाई द्वारा की गई छापेमारी में इसका पता चला है।

इन छापेमारी से हवाला कारोबार से जुड़े तीन समूहों द्वारा अवैध वित्तीय गतिविधियों में लिप्त होने का पता चला है। अधिकारी ने बताया कि नया बाजार इलाके में एक ऐसा ही सर्वे किया गया, जिसमें करीब 18 हजार करोड़ रुपये के फर्जी बिल मिले हैं। इसके लिए समूह ने कई फर्जी इकाइयां बना रखी थीं। विभाग ने आरोपियों की पहचान उजागर नहीं की है।

लांग टर्म कैपिटल गेन का फर्जी दावा कर कमा रहे थे पैसे अधिकारी ने कहा कि दूसरे मामले में एक बेहद संगठित मनी लांड्रिंग गिरोह का पता चला है। ये लोग बड़ी कंपनियों के शेयरों को धोखाधड़ी के जरिए वषोर् से रखे गए पुराने शेयर बताकर बेच रहे थे।

उन्होंने कहा कि इस तरीके से लांग टर्म कैपिटल गेन का फर्जी दावा करके पैसे कमाए जा रहे थे। अधिकारियों का अनुमान है कि इस तरीके से एक हजार करोड़ रुपये से अधिक का घोटाला किया गया। धोखाधड़ी का यह तरीका कई साल से इस्तेमाल किया जा रहा था।

जीएसटी के तहत कर रहे थे फर्जी दावा विभाग को इसी तरह एक अन्य समूह का भी पता चला, जिसके पास अघोषित विदेशी बैंक खाता मिला है। यह समूह निर्यात की कीमत से अधिक बिल बनाकर जीएसटी के तहत फर्जी दावा पेश करता था।

उन्होंने कहा कि शुरुआती अनुमान के अनुसार ये फर्जी निर्यात 1,500 करोड़ रुपये से अधिक के हैं। छापामारी करने वाले दल को करीब 100 करोड़ रुपये के हस्ताक्षर किए गए और बगैर हस्ताक्षर के कई दस्तावेज, समझौते,

अनुबंध, नकदी कर्ज और उस पर अर्जित ब्याज, वित्तीय विवादों का नकद के बदले निस्तारण और इनके एवज में पैसे लेने की रसीदें आदि मिलीं हैं। जांच में लोगों को विदेशी यात्रा कराने और विदेशी मुद्रा उपलब्ध कराने के भी सबूत मिले हैं।