नई दिल्ली। जम्मू के कठुआ में 8 साल की बच्ची के साथ दुष्कर्म और फिर हत्या के मामले में कोर्ट में सुनवाई शुरू हो चुकी है। वहीं पूरे देश में इस बच्ची को न्याय दिलाने की मांग जोर पकड़ती जा रही है। इस मांग के साथ अनशन पर बैठीं दिल्ली महिला आयोग अध्यक्ष स्वाति मालीवाल की भूख हड़ताच चौथे दिन भी जारी है।सोमवार सुबह डॉक्टरों की टीम ने उनका मेडिकल चेकअप करने के लिए पहुंची लेकिन स्वाति ने चेकअप कराने से इन्कार कर दिया। हालांकि, बाद में उन्होंने अपने चेकअप करवाया।

बताया जा रहा है कि सोमवार सुबह मालीवाल राजघाट से बाहर भी आईं थीं। स्वाति की मानें तो अभी उनका कीटोन लेवल उतना ही है, जितना 4 दिन के अनशन के बाद होना चाहिए। स्वाति ने बताया कि उन्होंने दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल से एक मेडिकल टीम के गठन की अपील की है।

वहीं, उन्होंने दिल्ली पुलिस पर आरोप लगाया है कि पुलिस PMO के इशारे पर उनका अनशन तुड़वाने की कोशिश कर रही है।

मांगें पूरी नहीं होने तक जारी रहेगा अनशन

स्वाति ने कहा कि जब तक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश की बेटियों की सुरक्षा के लिए बेहतर व्यवस्था बनाने का आश्वासन नहीं देते हैं, तब तक अनशन जारी रहेगा। ऐसे मामलों के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट बने, पुलिस के संसाधन बढ़ाए जाए और जवाबदेही तय हो।

स्वाति के अनशन को समर्थन देने के लिए निर्भया के माता-पिता, 'आप' विधायक अलका लांबा, वंदना कुमारी सहित पूर्व प्रधानमंत्री चंद्रशेखर के राजनीतिक सलाहकार एचसी शर्मा भी पहुंचे। निर्भया की मां ने कहा कि बड़े दुख की बात है कि समाज ने उन्नति तो बहुत कर ली है, लेकिन बेटियां सुरक्षित नहीं हैं। दुष्कर्म करने वालों को फांसी की सजा दी जाए।

केजरीवाल भी पहुंचे थे अनशन में, कहा- ऐसा सिस्टम बने, जिससे लोग करे

रविवार को दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल भी समता स्थल पहुंचे थे और स्वाति का समर्थन किया था। इस मौके पर केजरीवाल ने कहा था कि दुष्कर्म खत्म करने का मुद्दा देश का मुद्दा है। अनशन में शामिल होने पर उन्होंने कहा कि मैं एक बाप हूं अपनी बेटी की सुरक्षा के लिए आया हूं। दिल्ली की महिलाओं की सुरक्षा के लिए आया हूं। उन्होंने कहा कि एक ऐसा सिस्टम बनना चाहिए कि दुष्कर्म करने से लोग डरें।