नई दिल्ली। वर्ष 1984 में सुल्तानपुरी क्षेत्र में हुए सिख विरोधी दंगे के एक मामले की सुनवाई गुरुवार को पटियाला हाउस कोर्ट की सत्र अदालत में हुई। गवाह जोगिंद्र सिंह ने मामले में आरोपित सज्जन कुमार को अदालत में पहचान लिया। जोगिंद्र सिंह ने कहा कि दंगे में उनके भाई की हत्या कर दी गई थी और सज्जन कुमार भीड़ का नेतृत्व कर रहा था। सज्जन उस भीड़ को दिशा-निर्देश दे रहा था, जो सिख समुदाय के लोगों को मार रही थी।

कोर्ट सुना चुका है उम्र कैद की सजा

जोगिंद्र सिंह ने अदालत को बताया कि वह पुलिस के पास रिपोर्ट दर्ज कराने गए थे, लेकिन पुलिस ने एफआइआर में सज्जन कुमार का नाम लिखने से मना कर दिया। अब इस मामले की अगली सुनवाई नौ अप्रैल को होगी। बता दें कि, सज्जन कुमार को दंगे और हत्याओं से जुड़े एक अन्य मामले में दिल्ली हाई कोर्ट से उम्र कैद की सजा मिल चुकी है।

शिफ्ट कर दिया गया था केस

दिल्ली के सुल्तानपुरी एरिया में हुए दंगे और हत्याओं के मामले की सुनवाई पहले कड़कड़डूमा अदालत में होती थी, लेकिन हाई कोर्ट के आदेश पर केस पटियाला हाउस में भेज दिया गया। इस मामले की पूरी सुनवाई के दौरान वीडियोग्राफी भी होती है। मामले में सज्जन के अलावा ब्रह्मानंद गुप्ता और वेद प्रकाश भी आरोपित हैं। जोगिंद्र सिंह से पहले गवाह चाम कौर और शीला कौर भी आरोपितों को पहचान चुकी हैं।

इसलिए हुआ था दंगा

गौरतलब है कि 31 अक्टूबर 1984 को पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की हत्या उनके सिख अंगरक्षकों ने कर दी थी। इस वारदात के अगले ही दिन दिल्ली और देश के अन्य हिस्सों में सिख विरोधी दंगे भड़क उठे थे। इन दंगों में तीन हजार से ज्यादा लोगों की मौत हुई थी।