नई दिल्ली। दिल्ली-एनसीआर में बीते 2-3 दिन के दौरान गर्मी बढ़ने के पीछे चक्रवात वायु का बेअसर होना बताया जा रहा है। मौसम विज्ञानियों की मानें तो अरब सागर में उठा चक्रवात वायु गुजरात को बिना नुकसान पहुंचाए ओमान की ओर बढ़ गया है। यही वजह है कि दिल्ली समेत पूरे उत्तर भारत में तापमान बढ़ गया है।

दिल्ली के साथ एनसीआर के इलाकों में ठंडी हवाएं नहीं चलीं। दिल्ली के सफदरजंग में 44 डिग्री सेल्सियस के आसपास पहुंच गया तो पालम इलाके में 45 डिग्री हो गया है। भारतीय मौसम विभाग के मुताबिक, शनिवार को भीषण गर्मी रहेगी, लेकिन शाम को धूल भरी आंधी चल सकती है।

स्काईमेट वेदर के मुख्य मौसम विज्ञानी महेश पलावत ने बताया जम्मू-कश्मीर में एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने से पहाड़ी इलाकों के साथ-साथ दिल्ली में रविवार और सोमवार को हल्की बारिश की संभावना है।

पलावत ने बताया कि 17 और 18 जून को बारिश की तीव्रता बढ़ने की उम्मीद है, क्योंकि वायु चक्रवात 48 घंटे के बाद उत्तर पश्चिम दिशा की ओर फिर से चलेगा। 18 जून को कच्छ पहुंचने के साथ इसके तीव्र रूप में बदलने की संभावना है। इससे दिल्ली-एनसीआर के लोगों को गर्मी से हल्की राहत मिल सकती है।

मौसम विभाग का अनुमान है कि दिल्ली-एनसीआर में आंशिक रूप से बादल छाए रहेंगे। कई इलाकों में बारिश या गरज के साथ बौछारें पड़ सकती हैं। न्यूनतम तापमान में गिरावट आ सकती है। यह 43 डिग्री के आसपास रह सकता है।

दिल्ली में मानसून देरी से पहुंचेगा

दिल्‍ली में बारिश दक्षिण पश्चिम मानसून से होती है। दक्षिण पश्चिम मानसून अभी मुंबई तट तक पहुंचने में एक हफ्ते का वक्‍त और लेगा। ऐसे में मानसून का इंतजार और लंबा हो गया है। जून के अंतिम सप्‍ताह तक दिल्‍ली में मानसून के पहुंचने की उम्‍मीद थी, लेकिन वायु ने उसे भी खत्‍म कर दिया है।

प्री मानसून भी बेअसर

मार्च, अप्रैल और मई की बारिश में तो दिल्ली 39 फीसद पिछड़ी ही, प्री मानसून की बारिश में भी बेअसर साबित हो रही है। जून का आधा माह बीत गया है, लेकिन अभी तक एक मिलीमीटर बारिश भी नहीं हुई है। जून के आखिर में बारिश की संभावना बन रही है।