नई दिल्ली। जम्मू कश्मीर में हुए आतंकी हमले की विश्व भर में निंदा हो रही है। अमेरिका, रूस, फ्रांस और संयुक्त राष्ट्र समेत विभिन्न देशों ने हमले की निंदा करते हुए कहा है कि आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में वह भारत के साथ हैं।

भारत में अमेरिका के राजदूत केनेथ जस्टर ने ट्वीट किया, "भारत में अमेरिकी मिशन जम्मू-कश्मीर में हुए आतंकी हमले की कड़ी निंदा करता है। पीड़ित परिवारों के प्रति हम गहरी संवेदना व्यक्त करते हैं।" उन्होंने कहा कि आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई और उसे परास्त करने में अमेरिका भारत के साथ खड़ा है।

रूसी दूतावास ने बयान जारी कर हमले की निंदा की है। साथ ही कहा है कि इस तरह की अमानवीय कार्रवाइयों से निपटने के लिए बिना किसी भेदभाव के निर्णायक और सामूहिक कार्रवाई करने की जरूरत है।

इजराइल के भारत में राजदूत रोन माल्का ने हमले की निंदा करते हुए कहा है कि हम पुलवामा में हुए आतंकी हमले की कड़ी निंदा करते हैं और हमारे भारतीय दोस्तों के साथ इस दुख की घड़ी में खड़े हैं। हम सीआरपीएफ जवानों और उनके परिवारों के दुख में शामिल हैं।

संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंटोनियो गुतेरस ने हमले की निंदा करते हुए कहा कि इसके लिए जिम्मेदार लोगों को निश्चित तौर पर न्याय के कटघरे में खड़ा किया जाना चाहिए। गुतेरस के प्रवक्ता स्टीफन दुजारिक ने संयुक्त राष्ट्र में नियमित प्रेस कांफ्रेंस में कहा कि हम हमले में घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना करते हैं। हमले के लिए जिम्मेदार आतंकी संगठन जैश ए मुहम्मद सरगना मसूद अजहर को आतंकवादी घोषित करने की मांग पर उन्होंने कहा कि यह मामला सुरक्षा परिषद के पास पहले से ही है।

भारत में फ्रांस के राजदूत अलेक्जेंडर जीगलर ने कहा कि फ्रांस इस जघन्य हमले की कड़े शब्दों में निंदा करता है। आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में फ्रांस हमेशा भारत के साथ खड़ा था और खड़ा रहेगा।

जर्मनी, ऑस्ट्रेलिया, तुर्की, चेक गणराज्य ने भी हमले की निंदा की है। जर्मनी ने कहा है कि वह अपने रणनीतिक साझेदार भारत के साथ खड़ा है।

मालदीव के राष्ट्रपति इब्राहिम सोलेह ने हमले की निंदा करते हुए शहीद जवानों के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि अपने क्षेत्र और पूरी दुनिया में आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में मालदीव भारत और अंतरराष्ट्रीय समुदाय के साथ खड़ा है।

बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना ने उपने उच्चायोग के जरिए भेजे संदेश में कहा है कि आतंकवाद के किसी भी रूप के खिलाफ लड़ाई में उनका देश भारत और अंतरराष्ट्रीय समुदाय के साथ खड़ा है।

भूटान के प्रधानमंत्री लोतेय शेरिंग ने हमले की निंदा करते हुए पीड़ितों के प्रति गहरी संवेदना जताई है। श्रीलंका के राष्ट्रपति मैत्रीपाल सिरिसेन ने हमले पर दुख जताते हुए कहा कि दुनिया को इस तरह के हमले रोकने के लिए प्रभावकारी और सख्त उपाय करने होंगे।

जम्मू कश्मीर के पुलवामा में हुए आतंकी हमले को पाकिस्तान ने गंभीर चिंता का विषय बताया है। पाकिस्तान ने इस घटना में अपना हाथ होने से इन्कार करते हुए कहा है कि वह किसी भी तरह की हिंसक घटना की हमेशा निंदा करता है।

पाकिस्तान सरकार की तरफ से जारी बयान में कहा गया है कि बिना किसी जांच के ही भारत सरकार और भारतीय मीडिया द्वारा पाकिस्तान के साथ हमले के तार जोड़ा जाना गलत है।

अमेरिकी विशेषज्ञ बोले, जैश का जिम्मेदारी लेना आईएसआई की भूमिका पर सवाल

अमेरिकी खुफिया एजेंसी सीआईए के पूर्व विश्लेषक और दक्षिण एशिया मामलों के विशेषज्ञ ब्रूस रिडेल ने गुरुवार को कहा कि जैश-ए-मुहम्मद द्वारा जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में सीआरपीएफ काफिले पर आत्मघाती हमले की जिम्मेदारी लेना पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई की भूमिका पर सवाल खड़े करती है।

ब्रूस रिडेल ने कहा, इससे पता चलता है कि इस ऑपरेशन के मास्टरमाइंड को आइएसआइ का समर्थन हासिल है। उन्होंने कहा कि इस हमले के तार सीधे तौर पर पाकिस्तान से जुड़ते हैं और इसने पाकिस्तानी प्रधानमंत्री इमरान खान के समक्ष पहली बहुत बड़ी चुनौती पेश कर दी है। रिडेल ने कहा, "यह इमरान खान के लिए वास्तविक चुनौती होगी, उनके प्रशासन के लिए पहली गंभीर चुनौती।" अमेरिका में पाकिस्तान के पूर्व राजदूत हुसैन हक्कानी ने कहा, "पाकिस्तान को जैश-ए-मुहम्मद के खिलाफ कार्रवाई करनी ही होगी।"