नई दिल्ली, राज्य ब्यूरो । विद्यार्थियों के लिए अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता की बात करने वाले जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) में मंगलवार रात को कुछ ऐसे ही देश विरोधी नारे लगे। जानकर हैरानी तो होगी, लेकिन कैपस मे सक्रिय कुछ कश्मीरी, दलित व अल्पसंख्यक समुदाय के विद्यार्थियों ने न सिर्फ संसद हमले के दोषी अफजल गुरु की तीसरी बरसी पर सांस्कृतिक संध्या का आयोजन किया बल्कि प्रशासन की ओर से उनके इस कृत्य पर रोक लगाने पर कश्मीर की आजादी के नारे लगाए।

इस दौरान जब एबीवीपी ने जेएनयू छात्रसंघ के संयुक्त सचिव सौरभ शर्मा के नेतृत्व मे आयोजन का विरोध किया तो न सिर्फ उनके खिलाफ नारेबाजी की गई बल्कि आरोप है कि उन्हे कट्टा दिखाकर डराने की कोशिश भी की गई।

कैंपस में इस कार्यक्रम के आयोजन से जुडे़ लोग बुधवार को दिनभर चुप्पी साधे रहे। दबी जुबान में अभी वे यही कह रहे है कि भारतीय संविधान उन्हें अभिव्यक्ति की स्वंतत्रता देता है और उसी के मद्देनजर अफजल गुरु व जम्मू कश्मीर लिबरेशन फ्रंट के संस्थापक मकबूल भट की याद मे सांस्कृतिक संध्या का आयोजन किया गया था। आयोजकों का कहना है कि यदि एबीवीपी की ओर से इस आयोजन को लेकर प्रशासन से मिली मंजूरी को अंतिम समय में रद न कराया जाता तो हंगामा इस हद तक न बढ़ाता।

जेएनयू ने गठित की जांच समिति

कैपस मे देशविरोधी गतिविधियों की शिकायत पर मंगलवार रात को मचे हंगामे की जांच के आदेश कुलपति प्रो.एम. जगदीश कुमार ने दे दिए हैं। विश्वविद्यालय के चीफ प्रोक्टर की अध्यक्षता मे गठित ये प्रोक्टोरियल जांच समिति न सिर्फ इस कार्यक्रम से जुड़ी सीसीटीवी व वीडियो फुटेज की जांच करेगी बल्कि इस दौरान आयोजन स्थल पर मौजूद विद्यार्थियों व सुरक्षाकर्मियो से भी बातचीत करेगी। प्रशासन की ओर से स्पष्ट किया गया है कि यदि इस विषय मे लग रहे आरोपों में जरा भी सच्चाई पाई गई तो दोषियो के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

घटना हैरान करने वाली: सौरभ

जेएनयू छात्रसंघ के संयुक्त सचिव सौरभ शर्मा बताया कि कैंपस मे जो हुआ वह सब हैरान करने वाला था। अक्सर कैंपस मे कश्मीर की आजादी के समर्थन की बाते तो खूब सुनी थी, लेकिन ऐसे खुलेआम दिल्ली पुलिस व विश्वविद्यालय सुरक्षाकर्मियों की मौजूदगी मे देश विरोधी नारे लगाने की घटना बेहद हैरान करने वाली है। सौरभ ने कहा कि उन्होंने जब इसका विरोध किया तो पहले तो शोर के जरिये उनकी आवाज दबाने की कोशिश हुई, फिर मारपीट का प्रयास हुआ।

इसके बाद उन्हें एक छात्र ने कट्टा दिखाकर जान से मारने की धमकी दी। सौरभ ने इस घटना को देश की सुरक्षा के लिहाज से बेहद घातक बताया और यही कारण है कि वे प्रशासन से लगातार मांग कर रहे है कि इस मामले की जांच निष्पक्ष तरीके से कराई जाए और इस संबंध में देशद्रोह का मामला दोषियों के खिलाफ दर्ज कराया जाए। यहां बता दे कि इस घटना को लेकर बुधवार को एबीवीपी ने प्रशासनिक खंड के बाहर विरोध-प्रदर्शन किया।

प्रशासन को दिए प्रमाण

जेएनयू छात्रसंघ के संयुक्त सचिव ने कहा कि देश विरोधी इस घटना के प्रमाण प्रशासन को दे दिए गए हैं और बृहस्पतिवार को ये प्रमाण राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री कार्यालय, गृहमंत्रालय व मानव संसाधन एवं विकास मंत्रालय को भी सौप दिए जाएंगे। यहां बता दे कि इस घटना से जुड़ी दो मिनट 50 सेकेंड की एक वीडियो नईदुनिया के सहयोगी प्रकाशन दैनिक जागरण के पास भी है, जिसमे इस बात की पुष्टि हो रही है कि कैंपस मे कश्मीर की आजादी के लिए नारे लगे हैं।