धर्मेन्द्र मिश्रा, नोएडा

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की महत्वाकांक्षी सोच की बदौलत देश के चिकित्सा जगत में क्रांतिकारी परिवर्तन की नई इबारत लिखे जाने की शुरुआत हो चुकी है। विभिन्न बीमारियों के इलाज में एलोपैथ के साथ आयुर्वेद व यूनानी चिकित्सा पद्धति को भी बराबर का स्थान दिए जाने की प्रधानमंत्री की मंशा को परवान चढ़ाते हुए नोएडा के सेक्टर 39 में देश का पहला इंटेग्र्रेटिव आन्कोलोजी सेंटर स्थापित होने जा रहा है।

इसकी शुरुआत दिसंबर-जनवरी माह से हो सकती है। नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ कैंसर प्रिवेन्शन एंड रिसर्च (एनआइसीपीआर) के परिसर में स्थापित होने वाले इस केन्द्र के जरिये कैंसर के खिलाफ जंग में पहली बार एलोपैथ के साथ आयुर्वेद व यूनानी चिकित्सा पद्धति का संयुक्त इस्तेमाल होगा।

इसकी स्थापना के लिए गत दिनों केन्द्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय के स्वायत्त संस्थान एनआइसीपीआर एवं आयुष मंत्रालय के स्वायत्त संस्थान अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान (एआइआइए) के बीच एमओयू साइन किया जा चुका है।

कई घातक बीमारियों में काम करेगी पद्धति : केन्द्र सरकार ने स्वस्थ भारत के सपने को साकार करने के लिए संयुक्त चिकित्सा पद्धति का यह मॉडल अपनाया है। कैंसर के इलाज में अगर इसके परिणाम बेहतर रहे तो पूरे देश में अन्य बीमारियों के उपचार में भी इसी चिकित्सा पद्धति को अपनाया जा सकता है।

सटीक परिणाम का दावाः कुछ वर्षों में आयुर्वेद व यूनानी चिकित्सा के क्षेत्र में हुए नवीनतम शोध, विभिन्न बीमारियों के इलाज में आए सकारात्मक परिणाम व कैंसर समेत अन्य घातक बीमारियों के इलाज में इस पद्धति द्वारा सटीक उपचार के किए जा रहे दावे के बाद केन्द्र सरकार को संयुक्त चिकित्सा की दिशा में यह पहल करनी पड़ी है। इससे स्वस्थ भारत के सपने को साकार करने की उम्मीदों को पंख लगने शुरू हो गए हैं।

सेंटर ऐसे करेगा काम :

आयुष विभाग व एनआइसीपीआर के डॉक्टर मिलकर कैंसर के इलाज, रोकथाम एवं अनुसंधान में सहयोग करेंगे। एआइआइए कैंसर संबंधी डेटा जुटाने के बाद उसका इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड तैयार कर एनआइसीपीआर को देगा। संस्थान में संयुक्त शोध कार्यक्रम संचालित किए जाएंगे।

केन्द्र पर शुरुआत में 10 फेलोशिप की सुविधा होगी। यह केन्द्र फीडिंग बॉडी व क्लीयरिग हाउस की तरह काम करेगा। कैंसर संबंधी सभी जानकारियों व अन्य सूचनाओं का आपस में आदान-प्रदान किया जाएगा। इस सहमति ज्ञापन से अमेरिका के राष्ट्रीय कैंसर संस्थान के साथ द्विपक्षीय वार्ता और सहयोग का मार्ग प्रशस्त होगा।