बेंगलुरु। कर्नाटक विधानसभा चुनाव के लिए राजनीतिक पार्टियों संग चुनाव आयोग ने भी अपनी तैयारियां पूरी कर ली हैं। इस बार कर्नाटक विधानसभा चुनाव में कई खास बात होगी, जिसमें वहां 600 पिंक बूथों का निर्माण है। इसके साथ ही वहां इस बार चुनाव में ईवीएम के साथ वीवीपीएटी का इस्तेमाल किया जाएगा।

कर्नाटक के मुख्य निर्वाचन अधिकारी संजीव कुमार ने बताया कि आयोग व प्रशासन 12 मई को चुनाव के लिए पूरी तरह तैयार है। इस बार मतदाताओं की संख्या 5.6 करोड़ है और इनके लिए कुल 56,000 बूथ बनाए जाएंगे। इनमें से 600 बूथ पूरी तरह से महिलाओं द्वारा चलाए जाएंगे मतलब ये पिंक बूथ कहलाएंगे। इसके साथ ही पूरे राज्य में इस बार 10 बूथ ऐसे भी होंगे, जिन्हें दिव्यांगों द्वारा संचालित किया जाएगा।

ये होते हैं पिंक बूथ -

पिंक बूथ वैसे मतदान केंद्र होते हैं जहां महिला चुनाव कर्मचारियों व पीठासीन अधिकारियों की नियुक्ति की जाती है। इन मतदान केंद्रों को गुलाबी रंग के गुब्बारों, गुलाबी रंग की टेबल चादर, गुलाबी दीवारों से सजाया जाता है। इसलिए ये पिंक बूथ कहलाते हैं।

अब तक जब्त हुए हैं 70 करोड़ नकदी और 32 करोड़ की शराब -

मुख्य निर्वाचन अधिकारी संजीव कुमार ने बताया कि अब तक राज्य में 70 करोड़ रुपए से अधिक की नकदी और 32 करोड़ रुपए की शराब को जब्त किया गया है। उन्होंने बताया कि वोटिंग के लिए ईवीएम के साथ वीवीपीएटी का भी उपयोग किया जाएगा।

80 हजार ईवीएम के साथ होगा वीवीपीएटी का इस्तेमाल -

मुख्य निर्वाचन अधिकारी संजीव कुमार ने बताया कि 80,000 इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) के साथ 80,000 मतदाता-सत्यापित पेपर ऑडिट ट्रेल (वीवीपीएटी) का उपयोग किया जाएगा। 70 करोड़ रुपए से अधिक की नकदी और 32 करोड़ रुपए की शराब को जब्त कर लिया गया है और 12 मई को चुनाव के लिए तैयार हैं।

पिछले विधानसभा चुनाव में 4.97 करोड़ रुपए की नकदी और 3.41 करोड़ रुपए की कीमत के आभूषण जब्त हुए थे। कर्नाटक में 224 विधानसभा सीटों पर 12 मई को वोटिंग होगी और 15 मई को नतीजे घोषित किए जाएंगे।