कोलकाता। भारत बंद के बीच मंगलवार को जेईई मेन की परीक्षा भी हो रही है। इसके चलते परीक्षार्थियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। हालांकि पश्चिम बंगाल में इन छात्रों को परीक्षा केंद्र तक पहुंचाने के लिए विशेष बंदोस्त किए गए।

मालूम हो यह एग्जाम 6 जनवरी से 20 जनवरी तक आयोजित की जा रही है। लगभग 11 लाख उम्मीदवारों ने इस एग्जाम के लिए रजिस्टर्ड किया है। इस साल से जेईई मेन साल में दो बार आयोजित होगी।

उम्मीदवारों के एडमिट कार्ड में उनका नाम, पिता का नाम, जन्म तिथि, एप्लीकेशन/रोल नंबर, कोर्स का नाम, उम्मीदवार का फोटो, परीक्षा की तारीख, शिफ्ट और केंद्र की जानकारी होगी। एडमिट कार्ड के अलावा कोई भी वैलिड आईडी प्रूफ जैसे पैनकार्ड/ड्राइविंग लाइसेंस/ वोटर आईडी/ पासपोर्ट/आधार कार्ड ले जाना होगा।

अब तक जेईई मेन की रैंकिंग परीक्षा में प्राप्त अंकों के आधार पर होती थी। अब परसेंटाइल पर आधारित नॉर्मलाइजेशन प्रक्रिया से रैंकिंग की जाएगी।

इस साल आयोजित होने वाली परीक्षा में अभ्यर्थियों को विभिन्न सत्र यानी जनवरी और अप्रैल में अलग-अलग प्रश्न पत्र मिलेंगे। प्रश्नों का स्तर कठिन करने का भी प्रयास किया जाएगा। हो सकता है कि कुछ अभ्यर्थियों के पास अपेक्षाकृत मुश्किल प्रश्न पत्र आ जाएं और इसका असर उनके अंकों पर पड़े।

चुनौती से निजात पाने के लिए परसेंटाइल स्कोर पर आधारित नॉर्मलाइजेशन प्रक्रिया में समान्वीकरण का फार्मूला अपनाया जाएगा। इसमें किसी भी शिफ्ट के अभ्यर्थियों के अंको का मध्य लिया जाएगा। इसके बाद अन्य शिफ्ट के अभ्यर्थियों के अंकों के साथ इसकी तुलना की जाएगी। इससे ही परसेंटाइल का स्कोर तय होगा।

यह है नॉर्मलाइलेशन

नॉर्मलाइजेशन एक अनोखी प्रक्रिया है। इसे सामान्यतः स्टैबलिस्ड प्रैक्टिस के नाम से जाना जाता है। सभी शिफ्ट में परीक्षा देने वाले अभ्यर्थियों के स्कोर को तुलना करने के लिए इसे अपनाया जाता है। नॉर्मलाइजेशन प्रक्रिया के लिए नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) परसेंटाइल का इस्तेमाल करेगी।

ऐसे तय होगा परसेंटाइल

परसेंटाइल स्कोर परीक्षा में भाग लेने वाले अभ्यर्थियों के सभी विषयों के परफॉमेंस के आधार पर तय किया जाएगा। इसमें मार्क्स की एक दूरी तय कर दी जाएगी। जैसे 100 से 300 तक एक दूरी। दूसरा परसेंटाइल स्कोर ही बताएगा अभ्यर्थी का परसेंटेज। इसलिए हर सत्र में टॉपर के परसेंटाइल स्कोर को 100 माना जाएगा। अधिकतम और न्यूनतम स्कोर यहीं से तय किया जाएगा। इसके बाद परसेंटाइल स्कोर को नॉर्मलाइजेशन किया जाएगा।