अमेठी। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने अमेठी लोकसभा चुनाव से भाजपा प्रत्याशी स्मृति ईरानी के खिलाफ हार मान ली है। इस तरह राहुल 1977 के बाद कांग्रेस के टिकट से अमेठी सीट पर हारने वाले पहले गांधी बन गए हैं। 1977 में संजय गांधी हारे थे। तब बीएलडी के रविंद्र प्रताप सिंह ने 75 हजार से ज्यादा मतों से जीत दर्ज की थी। वहीं 1984 में मेनका गांधी यहां से राजीव गांधी के खिलाफ निर्दलीय चुनाव लड़ी थीं और उन्हें हार का सामना करना पड़ा था। यह अमेठी में भाजपा की दूसरी जीत है। इससे पहले 1998 में संजय सिंह ने कांग्रेस के कैप्टन सतीश शर्मा को हराया था।

बता दें, अमेठी सीट 1967 में अस्तित्व आई थी। शुरू से यह सीट कांग्रेस का गढ़ रही। 1977-80 का दौर छोड़ दें तो यहां से हमेशा कांग्रेस जीत दर्ज करती रही। 1998 के भाजपा जीती, लेकिन आशीर्वाद दिया था, लेकिन 1999 से फिर कांग्रेस ने कब्जा जमा लिया। अब तक हुए 15 चुनावों में 13 बार कांग्रेस जीती है।

अमेठी सीट से गांधी परिवार का पुराना नाता रहा है। 1980 में इंदिरा गांधी के बेटे संजय गांधी को यहां से चुनावी मैदान में उतारा था। संजय के निधन के बाद उनके बड़े भाई राजीव गांधी यहीं से उपचुनाव जीते थे। राजीव गांधी 1991 में अपने निधन तक यानी चार बार यही से सांसद रहे। इसके बाद सोनिया गांधी और फिर राहुल गांधी सांसद चुने गए, लेकिन इस बार हार का मुंह देखनाि पड़ा।