नई दिल्ली। लोकसभा चुनाव के आखिरी चरण की वोटिंग से पहले देश में एंटी-भाजपा मोर्चे की कवायद तेज हो गई है। आंध्रप्रदेश के मुख्यमंत्री और तेलुगु देशम पार्टी के प्रमुख चंद्रबाबू नायडू ने यह बीड़ा उठाया है। उन्होंने शुक्रवार को दिल्ली में आम आदमी पार्टी के प्रमुख अरविंद केजरीवाल से मुलाकात की थी। अब शनिवार सुबह कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी से मिले। आज ही उनका मायावती और अखिलेश यादव से लखनऊ में मुलाकात का प्रोग्राम है। मंथन इस बात पर हो रहा है कि 23 मई को आने वाले नतीजों के बाद यदि किसी दल या गठबंधन में स्पष्ट बहुमत नहीं मिलता है तो मोदी को दोबारा प्रधानमंत्री बनने से रोकने के लिए क्या किया जाए? खबर है कि इसी क्रम में आगे नायडू महाराष्ट्र जाकर राकांपा सुप्रीमो शरद पवार से भी मुलाकात करेंगे।

नायडू ने इस मिशन पर रवाना होने से पहले कहा कि वे हर दल का समर्थन करेंगे। इसमें तेलंगाना राष्ट्र समिति (TRS) भी शामिल होगी, तो नायडू के पड़ोसी राज्य तेलंगाना में सत्ता में हैं।

सोनिया भी सक्रिय, 23 को बुलाई है गठबंधन दलों की बैठक: इस बीच, यूपीए की चेयरपर्सन सोनिया गांधी पहली ही सक्रिय हो चुकी हैं। सोनिया ने मतगणना के दिन सहयोगी दलों की बैठक बुलाई है। सभी प्रमुख विपक्षी दलों को भी बैठक का न्योता भेजा गया है। सोनिया गांधी ने अखिलेश यादव और मायावती समेत विपक्ष के सभी प्रमुख नेताओं को 23 मई की बैठक में शामिल होने के लिए पत्र लिखा है। बैठक में ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक और तेलंगाना के मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव को भी बुलाने की कोशिश हो रही है।

सोनिया के खास अहमद पटेल को इन दोनों नेताओं से संपर्क साधने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। द्रमुक, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) जैसे सहयोगी दलों को भी बैठक में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया गया है। इन दोनों दलों के नेताओं एमके स्टालिन और शरद पवार ने बैठक में शामिल होने की पुष्टि भी कर दी है। आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू भी बैठक का शिरकत करेंगे। बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को पाले में करने की कोशिशें की जा रही हैं।