गोरखपुर। लोकसभा चुनाव के आखिरी चरण में 19 मई रविवार को वोटिंग शुरू होते ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सबसे पहले अपने बूथ में मतदान किया। जिन 8 राज्यों की 59 सीटों पर प्रत्याशियों की किस्मत ईवीएम में कैद हो जाएगी, उनमें यूपी की 13 सीटें शामिल हैं। ये सीटें हैं - महाराजगंज, गोरखपुर, कुशीनगर, देवरिया, बांसगांव, घोसी, सलेमपुर, बलिया, गाजीपुर, चंदौली, वाराणसी, मिर्जापुर, रॉबर्ट्सगंज। यूपी के पूर्वांचल की राजनीति में गोरखपुर लोकसभा सीट की महत्वपूर्ण भूमिका है।

गोरखपुर लोकसभा सीट पर दिलचस्प जंग होने वाली है। इस सीट को भाजपा पार्टी का गढ़ कहा जाता है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का गृहनगर भी गोरखपुर ही है, जो 1998 से लगातार 2017 तक लोकसभा में इस क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करते रहे हैं। हालांकि, उनके मुख्यमंत्री बनने के बाद हुए उपचुनाव में उलटफेर देखने को मिला और सपा प्रत्याशी के रूप में प्रवीण निषाद ने बीजेपी प्रत्याशी को चुनावी शिकस्त दी। अब तक हुए 16 लोकसभा चुनावों और एक उपचुनाव में बीजेपी ने सात बार, कांग्रेस ने छह बार, निर्दलीय ने दो बार, हिंदू महासभा ने एक बार और भारतीय लोकदल ने एक बार जीत दर्ज की है।

बता दें कि यहां कुल मतदाता 1,903,988 है जिसमें महिला मतदाता 848,621 और पुरुष मतदाता 1,055,209 हैं। इस सीट पर सातवें और अंतिम चरण में वोट डाले जाएंगे। नतीजे 23 मई को आएंगे। मगर, इस सीट पर पूरे देश की नजरें टिकी होंगी। इस सीट पर बीजेपी ने भोजपुर स्टार रवि किशन को प्रत्याशी बनाया। मूल रूप से जौनपुर के रहने वाले 48 साल के रवि किशन शुक्ल को दुनिया रवि किशन के नाम से जानती है।

सपा-बसपा गठबंधन की ओर से रामभुआल निषाद और कांग्रेस की तरफ से मधुसूदन तिवारी चुनाव लड़ रहे हैं।

रवि किशन अलग-अलग कारणों से सालों से सुर्खियों में रहे हैं। साल 2006 में बिग बॉस में हिस्सा भी लिया था। उनका भोजपुरी फिल्मों की शूटिंग की वजह से उनका गोरखपुर आना-जाना लगा रहा है। वे भाजपा से पहले कांग्रेस में थे। वह जौनपुर से कांग्रेस के टिकट पर पिछला लोकसभा चुनाव लड़ चुके हैं। साल 2017 में भाजपा में शामिल हुए।

रवि किशन और उनके परिवार के पास कुल 21 करोड़ की चल व अचल संपत्ति है। पिछले पांच सालों में उनकी संपत्ति में सात करोड़ रुपए की वृद्धि हुई है। 2014 में उनके पास 14 करोड़ की संपत्ति थी। रवि किशन मर्सडीज बैंज, बीएमडब्लू और जगुआर जैसी लग्जरी गाड़ियों के शौकीन हैं।

गोरखपुर में सबसे ज्यादा निषाद के 3.50 लाख वोटर हैं, फिर करीब डेढ़ लाख मुसलमान, 2 लाख यादव, 2 लाख दलित, करीब तीन लाख ब्राहम्ण, 80 हजार राजपूत और छोटी बड़ी कई जातियां है। गौरतलब है कि लोकसभा उपचुनाव में यहां से बीजेपी के उपेंद्र शुक्ला करीब 20, 000 वोटों से सपा उम्मीदवार प्रवीण निषाद से हार गए थे।