लखनऊ। उत्तर प्रदेश की सियासत में लंबे समय से अपराधियों का दबदबा रहा है। सभी राजनीति दलों में अपने फायदे के लिए इन माफियाओं का उपयोग कर अपने सत्ता स्वार्थ सिद्ध किए हैं।

लोकतंत्र का हिस्सा बनकर ये जरायमपेशा लोग विधानसभा से लेकर लोकसभा तक में पहुंचे हैं, लेकिन इस बार अगर आंकड़ों पर गौर करें तो सूबे के राजनीतिक परिदृश्य से अपराधियों का लगभग सफाया हो गया है।

सूबे की सियासत में एक दौर ऐसा भी आया जब अपराधी राजनीति के अहम हिस्से बन गए। 1980 के बाद से राजनीति के समीकरण काफी हद तक इन लोगों से प्रभावित होने लगे।

बड़े राजनीतिक दल तक अपने राजनीतिक फायदे के लिए इन अपराधियों का सहारा लेते थे, लेकिन इस बार चुनाव में राजनीतिक परिदृश्य कुछ बदला-बदला सा नजर आया और जनता ने अपराध की बिसात पर अपनी राजनीतिक हसरतें पूरी करने वालों को नकार दिया।

फतेहपुर सिकरी से बीएसपी के उम्मीदवार गुड्डू पंडित, जो कांग्रेस उम्मीदवार राज बब्बर के खिलाफ अभद्र भाषा का इस्तेमाल करने की वजह से सुर्खियों में आए थे, चुनाव हार कर तीसरे स्थान पर रहे हैं। गुड्डू पंडित पिछले कुछ सालों में सभी बड़ी पार्टियों से होते हुए बीएसपी में आए हैं।

उनके खिलाफ कई आपराधिक मामले दर्ज हैं। इसी तरह विनोद सिंह उर्फ पंडित सिंह जो समाजवादी पार्टी से गोंडा से उम्मीदवार थे चुनाव हार गए हैं। पंडित सिंह अपनी आपराधिक गतिविधियों की वजह से अक्सर सुर्खियों में बने रहते हैं।

दुर्दांत डकैत ददुआ का भतीजा बल कुमार पटेल बांदा से चुनाव हार गया है। इसी तरह अपराध जगत से नाता रखने वाले फैजाबाद से सपा उम्मीदवार आनंदसेन यादव को भी हार का मुंह देखना पड़ा है।

उनको भाजपा के लल्लू सिंह ने शिकस्त दी है। उन्नाव सीट से सपा उम्मीदवार और अपने आपराधिक रिकॉर्ड की वजह से पहचाने जाने वाले अरुण शंकर शुक्ला को भी पराजय मिली है। अरुण शंकर शुक्ला को भाजपा के साक्षी महाराज ने मात दी है।

अपनी दबंग छवि की वजह से पहचाने जाने वाले वाराणसी से कांग्रेस के उम्मीदवार अजय राय भी हार कर तीसरे स्थान पर रहे हैं। उनको भाजपा के नरेंद्र मोदी ने मात दी है। 2014 में भी वह तीसरे स्थान पर रहे थे। भदोही सीट से कांग्रेस उम्मीदवार रमाकांत यादव को हार का सामना करना पड़ा है।

उनकी छवि भी इलाके में दबंग की है। इससे पहले रमाकांत यादव भाजपा में थे। सोनू सिंह, जिनके खिलाफ कई आपराधिक मामले दर्ज हैं उनको बीएसपी ने मेनका गांधी के खिलाफ सुलतानपुर से टिकट दिया था, चुनाव हार गए हैं। अपराध जगत से नाता रखने वाले जनसत्ता पार्टी के अक्षय प्रताप सिंह प्रतापगढ़ से चुनाव हारकर चौथे स्थान पर रहे हैं।