नई दिल्ली। लोकसभा चुनाव 2019 के शुरुआती रुझानों में एनडीए को एक बार फिर प्रचंंड जनादेश मिलने जा रहा है। अकेली भाजपा करीब 290 सीटों पर जीत दर्ज करती नजर आ रही है। दिल्ली, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश ऐसे राज्य हैं जहां भाजपा क्लीन स्वीप करने की स्थिति में है। यूपी, बिहार, मध्यप्रदेश, बंगाल में भी भाजपा को जबदस्त कामयाबी मिलती नजर आ रही है। नरेंद्र मोदी, अमित शाह समेत भाजपा के सभी दिग्गज नेता बड़ी जीत की ओर बढ़ रहे हैं, वहीं कांग्रेस के पास पंजाब और केरल के अलावा बताने को कुछ नहीं है। कुल मिलाकर 18 राज्यों में कांग्रेस का खाता खुलता नजर नहीं आ रहा है। पढ़िए लोकसभा चुनाव के अब तक के रुझानों की बड़ी बातें -

गुजरात, राजस्थान, जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, दिल्ली, ओडिशा, आंध्रप्रदेश, अरुणाचल जैसे बड़े राज्यों में कांग्रेस के खाते में एक सीट भी जाती नहीं दिख रही है। यूपी और बिहार से कांग्रेस को बहुत उम्मीद थी, लेकिन भारी निराशा हाथ लगी।

एनडीए और भाजपा, दोनों का प्रदर्शन सुधरा है। भाजपा ने 2014 के चुनावों में 282 सीट जीती थी, इस बार यह आंकड़ा 300 तक पहुंच सकता है। वहीं पिछली बार एनडीए का कुल आंकड़ा 336 था, जो इस बार 340 तक पहुंचता दिख रहा है।

कांग्रेस के खाते में इस बार 51 सीटें जाती दिख रही हैं। पिछली बार यह आंकड़ा 44 था। कांग्रेस को सबसे ज्यादा 9 सीटें पंजाब से मिलती दिख रही हैं। इसके अलावा केरल में कांग्रेस गठबंधन 19 सीटों पर आगे चल रहा है।

यूपी में सपा-बसपा गठबंधन ने बड़े-बड़े दावे किए थे, लेकिन वे भी मोदी की सुनामी को रोकने में नाकामयाब रहे। यूपी की 80 में से यह गठबंधन महज 15 सीटों पर विजयी होता नजर आ रहा है। कांग्रेस की यूपी में बहुत बुरी स्थिति है। हो सकता है कि यहां राहुल गांधी हार जाए, क्योंकि भाजपा प्रत्याशी स्मृति ईरानी लगातार आगे चल रही हैं। यहां से कांग्रेस को सिर्फ सोनिया गांधी (रायबरेली) से उम्मीद है।

कांग्रेस ने अपनी बंद मुट्ठी के रूप में प्रियंका गांधी को पश्चिमी यूपी की जिम्मेदारी दी थी, लेकिन उनका जादू फीका रहा। प्रियंका खुद को चुनाव नहीं लड़ीं, लेकिन अपने किसी प्रत्याशी को नहीं जीता सकीं। चुनाव प्रचार के दौरान उन्होंने पीएम नरेंद्र मोदी पर बहुत हमले बोले थे।

भाजपा ने पश्चिम बंगाल में शानदार प्रदर्शन किया और 18 सीटों पर आगे चल रही है। कुल 42 लोकसभा सीटों में से टीएमसी के खाते में 23 सीटें जाती दिख रही हैं। पिछली बार दीदी ने 34 सीट जीती थी। इसी तरह ओडिशा में भी पार्टी को जबरदस्त समर्थन मिला है। कुल 21 सीटों में भाजपा 8 सीट पर जीत दर्ज कर सकती है, जबकि पिछली बार उसे सिर्फ 2 सीट मिली थी।