हरिओम गौड़, श्योपुर। लोकसभा चुनाव के रण में उतरे प्रत्याशियों के नाम तय हो चुके हैं। अब विरोधियों के वोट काटकर अपने खेमे में लाने की जोर आजमाइश की दौड़ शुरू हो चुकी है। लाउड स्पीकरों का चुनावी शोर और जगह-जगह नेताओं के झुंड नजर आना शुरू हो गए हैं, लेकिन चुनाव लड़ रहे प्रत्याशी और उनके समर्थकों को विरोधियों से ज्यादा गर्मी की टेंशन है। मुरैना-श्योपुर सीट पर 12 मई को यानी भीषण गर्मी के बीच मतदान है। अभी प्रत्याशियों को करीब 16 दिन तक जमकर प्रचार-प्रसार करना है, उधर सूरज आग उगल रहा है। तापमान 43 तक पहुंच चुका है और दिनोंदिन धूप की तपन और लू के थपेड़ों की गर्मी बढ़ती ही जा रही है।

इस प्रचंड गर्मी में नेताओं का जनसंपर्क करना दूभर हो रहा है। लोकसभा चुनाव बड़ा चुनाव होता है इसमें प्रत्याशी घर-घर जाकर जनसंपर्क करे और वोट मांगे यह संभव नहीं। सुबह-शाम तो लोग मिल जाते हैं, लेकिन धूप व लपटों के कारण दोपहर में शहर से लेकर गांवों तक की सड़कें, बाजार और चौपाल सूने हो जाते हैं। चुनाव लड़ रहे प्रत्याशियों की परेशानी रैली या आमसभाओं में भीड़ जुटाने के अलावा इस बात की भी है कि जब वह जनसंपर्क को निकलें तो कार्यकर्ता व समर्थकों की फौज कैसे साथ चले। इसलिए ग्रामीण क्षेत्रों में होने वाली सभा व रैलियों का समय सुबह व शाम के समय कर दिया गया है।

प्रचंड गर्मी के कारण नेताओं की थाली का मीन्यू भी बदल गया है। पकवान और तली हुई चीजों से नेता इस मौसम में परहेज करने लगे हैं। दाल-रोटी, चावल जैसे हल्के भोजन के साथ-साथ जूस, ग्लूकोज व अन्य तरल पेय पदार्थ का सेवन ज्यादा कर रहे हैं, जिससे गर्मी में चुस्ती-फुर्ती बनी रहे।

फसल और शादियों का सीजन

इस समय फसलों की कटाई और पैदा हुई उपज को बेचने में किसान व्यस्त है। समर्थन मूल्य पर ही खरीदी 25 मई तक चलनी है, यानी मतदान के बाद तक। अभी हालत यह है कि गेहूं की 30 फीसदी फसल भी खेतों से नहीं कट पाई है। किसान फसलों को काटने में व्यस्त है। इसके अलावा शादियों का सीजन भी अप्रैल और मई महीने में सबसे ज्यादा रहता है। 07 मई को आखातीज है। जिन परिवारों में शादियां हैं वह चुनावों को भूलकर शादी की तैयारियों में जुटेंगे। कुल मिलाकर फसलों और शादियों की व्यस्तता भी चुनावी माहौल को पूरे शबाव पर आने में बाधा पहुंचाएगी।

थक सकते हैं पर रुकेंगे नहीं

धूप और गर्म हवा से हर व्यक्ति को परेशानी तो होती ही है। यह समय फसल कटाई और शादियांे का भी है, इनका भी चुनाव पर असर रहेगा, लेकिन कांग्रेस कार्यकर्ता और समर्थक पूरे जोश मंे हैं और इस मौसम मंे थक सकते हैं, रुकेंगे नहीं।

-रामनिवास रावत, कांग्रेस प्रत्याशी

मौसम नहीं रोक सकता

गर्मी तो है, लेकिन हम जनता के बीच जाने में कोई संकोच नहीं कर रहे। हमारे कार्यकर्ता और भाजपा के समर्थकों को कोई मौसम नहीं रोक सकता। मतदाताओं की सहूलियत के लिए हम अपील कर रहे हैं वह धूप तेज होने से पहले सुबह ही मतदान करें।

-नरेन्द्र सिंह तोमर, प्रत्याशी भाजपा

विधानसभा का वोटिंग प्रतिशत कायम रखना मुश्किल

चुनाव लड़ रहे प्रत्याशियों के साथ-साथ निर्वाचन विभाग के अफसरों को भी गर्मी परेशान कर रही है। इस भीषण गर्मी और शादियों के सीजन में वोटिंग प्रतिशत बढ़ाना तो दूर पांच महीने पहले हुए विधानसभा चुनाव के बराबर मतदान का प्रतिशत कायम रखना भी मुश्किल हो रहा है। 28 नवंबर को हुए विस मतदान में श्योपुर जिले में 78.53 फीसदी मतदान हुआ था जो 2013 के विस के 74 फीसदी मतदान से ज्यादा था। विस चुनाव सर्दी में हुए इसलिए दिनभर पोलिंग बूथ पर मतदाताओं की लाइन लगी रही।

अब भीषण गर्मी में मतदाताओं को कैसे पोलिंग बूथ तक लाएं इस परेशानी भरे सवाल का कोई हल निर्वाचन अफसरों के हाथ नहीं, सिर्फ मतदाता जागरूता के कार्यक्रम बढ़ा दिए हैं। इसका कितना असर होगा यह समय बताएगा।