फिरोजपुर/बठिंडा। लोकसभा चुनाव के आखिरी चरण में 19 मई रविवार को 59 सीटों पर वोटिंग शुरू हो चुकी है। इनमें पंजाब की सभी 13 सीटें (गुरदासपुर, अमृतसर, खडूर साहिब, जालंधर, होशियारपुर, आनंदपुर साहिब, लुधियाना, फतेहगढ़ साहिब, फरीदकोट, फिरोजपुर, बठिंडा, संगरूर, पटियाला) शामिल हैं। यूं तो सभी सीटों पर बड़े नेताओं की इज्जत दांव पर है, लेकिन फिरोजपुर और बठिंडा लोकसभा सीट पर मामला थोड़ा अलग है।

इन दो सीटों पर पति-पत्नी के एक बेहद खास जोड़े की दावेदारी है। ये हैं सुखबीर सिंह बादल और हरसिमरत कौर। सुखबीर फिरोजपुर से चुनाव मैदान में हैं, तो मोदी सरकार में मंत्री हरसिमरत कौर बठिंडा से चुनाव लड़ रही हैं। पंजाब में यह पति-पत्नी का अकेला जोड़ा है, जो चुनाव लड़ रहा है। जानिए दोनों सीटों का गणित -

हरसिमरत की नजर हैट्रिक पर: हरसिमरत कौर पहली बार 2009 में बठिंडा सीट से चुनाव जीती थीं। 2014 में भी उन्हें जीत मिली और मोदी सरकार में खाद्य प्रसंस्करण मंत्री का पद मिला। वैसे दोनों बार उनका मुकाबला बहुत जोरदार हुआ। साल 2014 में उन्होंने अकाली दल छोड़कर आए अपने देवर और पूर्व वित्त मंत्री मनप्रीत बादल को करीब 19,000 वोटों से हराया था।

वहीं, 2009 में उनका मुकाबला पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह के बेटे रनिंदर सिंह से हुआ था। अब तीसरी बार इसी सीट से चुनाव मैदान में हैं। इस बार उनके खिलाफ कांग्रेस के अमरिंदर सिह राजा हैं। हरसिमरत को बादल परिवार की बहू होने के साथ ही मोदी सरकार की मंत्री होने का भी फायदा मिल सकता है।

'अपने ही शेर' से लड़ रहे सुखबीर: सुखबीर सिंह बादल पंजाब के पूर्व उपमुख्यमंत्री हैं। सुखबीर पहले दो बार फरीदकोट से सांसद रह चुके हैं। वे 1998-1999 में अटल बिहारी वाजपेयी सरकार में मंत्री भी रहे थे। इसके बाद वे विधानसभा चुनाव लड़े और उपमुख्यमंत्री बनाए गए। 2017 के विधानसभा चुनाव में उन्होंने आम आदमी पार्टी के भगवंत मान को हराया था। हालांकि, तब पंजाब एनडीए के हाथ से चला गया था और कांग्रेस सत्ता में लौट आई थी। इस बार शिरोमणि अकाली दल (SAD) ने सुखबीर को फिरोजपुर सीट से मैदान में उतारा है। यहां उनका मुकाबला कांग्रेस के शेर सिंह घुबाया से है, जिन्होंने अकाली दल छोड़कर कांग्रेस का हाथ थाम लिया है।