भोपाल। मध्य प्रदेश में पहले चरण की छह लोकसभा सीटों पर 29 अप्रैल को मतदान होना है। इसके लिए मतदान केंद्रों तक 28 अप्रैल को ईवीएम और वीवीपैट मशीनों सहित अन्य चुनाव सामग्री भेजी जाएगी। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय ने मैदानी अफसरों को इस दौरान विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं।

सामग्री लेकर जाने वाले वाहनों में जीपीएस लगाया जा रहा है। इसके माध्यम से जिला और राज्य स्तर से वाहनों की लगातार निगरानी की जाएगी। उधर, ईवीएम से बैटरी निकालने और लगाने की प्रक्रिया के लिए कार्यालय वीडियो बनाकर भेज रहा है।

मध्‍य प्रदेश की सीधी, शहडोल, जबलपुर, मंडला, बालाघाट और छिंदवाड़ा लोकसभा सीट पर 29 अप्रैल को मतदान होना है। पहले चरण में 28 हजार 959 बैलेट यूनिट, 18 हजार 486 कंट्रोल यूनिट और 19 हजार 254 वीवीपैट मशीनों की जरूरत पड़ेगी। इसके लिए मैदानी स्तर पर वाहनों की व्यवस्था से लेकर मशीनें भेजने तक की तैयारी पूरी हो चुकी है।

भारत निर्वाचन आयोग के निर्देश पर इस बार ईवीएम मतदान केंद्र पर पहुंचाने वाले वाहनों पर जिला स्तरीय कंट्रोल रूम और मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय स्थित कंट्रोल रूम से जीपीएस के जरिए नजर रखी जाएगी। ताकि कोई वाहन बीच में रुके नहीं और यदि ऐसा होता है तो जिम्मेदार अफसरों से जवाब-तलब किया जाएगा।

कलेक्टरों ने बताई समस्या, बैटरी टाइट हो रही

चुनाव आयोग ने ईवीएम की बैटरी निकालकर रखने के निर्देश दिए हैं। इससे जिलों में नई समस्या खड़ी हो गई। जिम्मेदार कर्मचारियों को बैटरी निकालना और फिर से लगाना नहीं आ रहा है। कई कलेक्टरों ने बैटरी नहीं निकलने या टाइट (कसी हुई) निकलने की समस्या बताई है। इसके लिए मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी बैटरी निकालने और फिर लगाने का वीडियो तैयार कर रहा है, जो कलेक्टरों को भेजा जाएगा।