नई दिल्ली। लोकसभा चुनाव में करारी हार के बाद शनिवार को कांग्रेस कार्यसमिति (CWC) की बैठक हुई। बैठक में जहां राहुल गांधी ने इस्तीफे की पेशकश की, वहीं अपने उन नेताओं को भी लताड़ा, जिन्होंने चुनाव के दौरान अपने बेटों के लिए टिकट मांगा और नहीं देने पर पार्टी छोड़ने की धमकी दी। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, माना जा रहा है कि राहुल का निशाना पी. चिदंबरम, कमलनाथ और अशोक गहलोत जैसे नेता थे, जिन्होंने लोकसभा चुनाव में अपने बेटों को टिकट दिलाया था।

इस बीच खबर है कि कांग्रेस कार्यसमिति ने भले ही राहुल के इस्तीफे की पेशकश ठुकरा दी हो, लेकिन वे अपने रुख पर अब भी अड़े हैं। राहुल के इस रुख से कांग्रेस में अंदरुनी हलचल बढ़ गई है। सूत्रों के अनुसार, राहुल चाहते हैं कि गांधी परिवार से बाहर के पार्टी के किसी चेहरे को कांग्रेस का नया अध्यक्ष बनाया जाए, लेकिन राहुल के रुख से असहमत कार्यसमिति ने प्रस्ताव पारित कर उनके नेतृत्व में पूरा भरोसा जताया है। साथ ही कांग्रेस के इस सबसे चुनौतीपूर्ण दौर में राहुल के नेतृत्व को पार्टी की जरूरत बताया है।

लोकसभा चुनाव में हार के बाद शनिवार को बुलाई गई कार्यसमिति की बैठक में राहुल ने पराजय की जिम्मेदारी लेते हुए पद छोड़ने की पेशकश की। करीब चार घंटे चली बैठक में कांग्रेस की पराजय की वजहों पर करीब 30 नेताओं के बोलने के बाद राहुल ने आखिर में अपना संबोधन किया। इसी क्रम में राहुल ने कांग्रेस अध्यक्ष पद से इस्तीफा देने की पेशकश कर दी। इस पर पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से लेकर एके एंटनी समेत पूरी कार्यसमिति ने एक सुर में राहुल से कहा कि उन्हें इस्तीफा देने की जरूरत नहीं है और पार्टी को राहुल की नेतृत्व क्षमता पर पूरा भरोसा है। सोनिया गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा ने भी राहुल को ऐसा नहीं करने के लिए कहा।

इसी दौरान, पूर्व वित्तमंत्री पी. चिदंबरम ने राहुल से एक भावुक अपील कर दी। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, जब राहुल ने इस्तीफे की पेशकश की तो चिदंबरम की आंखों से आंसू आ गए। उन्होंने राहुल से इस्तीफा नहीं देने की अपील करते हुए कहा, आपको नहीं पता कि दक्षिण भारत के लोग आपसे कितना प्यार करते हैं, अगर आपने इस्तीफा दिया तो कुछ लोग सुसाइड कर लेंगे।