हैदराबाद। तेलंगाना में सत्तारूढ़ तेलंगाना राष्ट्र समिति (TRS) ने उम्मीद जताई है कि लोकसभा चुनावों के बाद त्रिशंकु संसद की सूरत में रीजनल पार्टियां मुख्यमंत्री के. चंद्रशेखर राव द्वारा प्रस्तावित फेडरल फ्रंट में शामिल हो जाएंगी। TRS के MLC पल्ला राजेश्वर रेड्डी ने कहा कि द्रमुक अध्यक्ष एमके स्टालिन का कांग्रेस के साथ उनकी पार्टी के गठबंधन की बात दोहराना फेडरल फ्रंट गठन की कोशिशों के लिए कतई धक्का नहीं है।

उन्होंने कहा, 'अगर उन्हें (NDA और UPA) अपने दम पर बहुमत हासिल नहीं हुआ और हम उस स्थिति में हुए तो वे (NDA और UPA) हमें समर्थन दे सकते हैं।'

रेड्डी ने दावा किया कि ऐसी स्थिति उत्पन्न हुई तो कांग्रेस के सहयोगी अपने प्रभाव का इस्तेमाल करके कांग्रेस को क्षेत्रीय दलों का समर्थन करने के लिए मना सकते हैं। इसके अलावा जद(एस) और जद(यू) भी फेडरल फ्रंट का समर्थन कर सकते हैं। बता दें कि पिछले एक हफ्ते के दौरान चंद्रशेखर राव इस सिलसिले में केरल के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन और द्रमुक नेता एमके स्टालिन से मुलाकात कर चुके हैं।

उधर, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (CPI) ने बुधवार को कहा कि NDA और UPA के बहुमत से दूर रहने के स्थिति में पार्टी गैर-भाजपा फ्रंट सरकार के गठन के लिए क्षेत्रीय दलों के साथ बातचीत के लिए तैयार है। CPI महासचिव एस. सुधाकर रेड्डी ने कहा कि वामदल किसी भी कीमत पर भाजपा का समर्थन लेने या उसे समर्थन देने के पक्ष में नहीं हैं।

वहीं, फेडरल फ्रंट के विचार पर भाजपा नेता और पूर्व MLC पी. सुधाकर रेड्डी ने कहा कि देश का मूड 'फिर एक बार मोदी सरकार' का है। भाजपा को पूर्ण बहुमत हासिल होगा। राजग के सहयोगी दल भी सरकार में सहयोग करेंगे। वरिष्ठ कांग्रेस नेता और पूर्व विधायक एम. शशिधर रेड्डी ने भी फेडरल फ्रंट का विचार खारिज करते हुए कहा कि भाजपा या कांग्रेस की हिस्सेदारी के बिना केंद्र में किसी भी सरकार का गठन संभव नहीं है।