नई दिल्ली। भाजपा से नाराज होकर पटना साहिब के सांसद शत्रुघ्न सिन्हा कांग्रेस में शामिल हो गए हैं। उन्होंने दिल्ली में रणदीप सुरजेवाला व अन्य नेताओं की मौजूदगी में कांग्रेस की सदस्यता ग्रहण कर ली। कांग्रेस में शामिल होने के कुछ देर बाद ही पार्टी ने उन्हें पटना साहिब से अपना उम्मीदवार घोषित कर दिया।

कांग्रेस में शामिल होने के बाद उन्होंने भाजपा को स्थापना दिवस की बधाई देते हुए कहा कि मैं बारी मन से पार्टी छोड़ रहा हूं। उन्होंने मीडिया से बात करते हुए आरोप लगाया कि भाजपा में वरिष्ठ नेताओं का अपमान हुआ। पार्टी की लोकशाही तानीशाही में बदल गई है। इससे पहले उन्होंने ट्वीट कर भाजपा छोड़ने की घोषणा की।

उन्होंने अपने ट्वीट में लिखा है कि पार्टी के स्थापना दिवस के दिन में भाजपा छोड़ रहा हूं। मैं बहुत भारी मन से भाजपा छोड़ रहा हूं। मेरे मन में किसी के प्रति कोई दुर्भावना नहीं है। भाजपा में नानाजी देशमुख, भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी और लालकृष्ण आडवाणी जैसे गुरु, मित्र और मार्गदर्शकों को याद करना चाहूंगा जो मेरे परिवार की तरह रहे।

मैं उन सभी बातों को भूलकर सभी को माफ करता हूं जिन्होंने लोक शाही को ताना शाही में बदला। वर्तमान में पार्टी के कुछ नेताओं और नीतियों की वजह से मेरे पास पार्टी छोड़ने के अलावा और कोई विकल्प नहीं रह गया था।

उन्होंने आगे लिखा है कि देश की जिस सबसे पुरानी पार्टी का मैं हिस्सा बनने जा रहा हूं वो मुझे वह मौका देगी जिससे में लोगों की सेवा कर सकूं।

बता दें कि 28 मार्च को राहुल गांधी से मुलाकात के बाद शत्रुघ्न सिन्हा ने कहा था कि वो नवरात्री के पहले दिन यानि 6 अप्रैल को अच्छी खबर देंगे। हालांकि, शुत्रघ्न 28 मार्च को ही काग्रेस में शामिल होने वाले थे लेकिन लालू यादव की सलाह के बाद वह कांग्रेस की सदस्यता ग्रहण किए बिना लौट आए।

पहले चर्चा थी कि वह 23 मार्च को दिल्ली में कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी की मौजूदगी में कांग्रेस में शामिल होंगे। बाद में कहा गया कि वह 28 मार्च को कांग्रेस की सदस्यता लेंगे। हालांकि, इस दिन भी वो केवल राहुल गांधी से मुलाकात करते हुए लौट आए। मीडिया से बात करते हुए तब उन्होंने कहा ता कि वह छह अप्रैल को कांग्रेस की सदस्यता लेंगे और उनका पटना साहिब से चुनाव लड़ना तय है।

उन्होंने कहा था कि उनके मित्र और राजद प्रमुख लालू प्रसाद ने उन्हें सलाह दी है कि वह नवरात्र के पहले दिन यानी छह अप्रैल को कांग्रेस में शामिल हों। ऐसे में वह अब प्रथम नवरात्र के शुभ दिन ही कांग्रेस की सदस्यता लेंगे। हालांकि राजनीतिक गलियारों में इस बात की चर्चा है कि महागठबंधन में सीटों को लेकर चल रहे विवाद को देखते हुए शत्रुघ्न को कांग्रेस की सदस्यता लेने से रोका गया है।