मुंबई। तेलुगु देशम पार्टी के प्रमुख चंद्रबाबू नायडू को लेकर शिवसेना ने अपने मुखपत्र सामना में तंज कसा है। लिखा गया है कि आखिर जब एग्जिट पोल में एनडीए को स्पष्ट बहुमत मिल रहा है तो फिर नायडू क्यों बेकार में थकावट भरे प्रयास कर रहे हैं और नॅान एनडीए पार्टीज को एकजुट करने में लगे हैं। शिवसेना के मुताबिक, नायडू की उत्सुकता 23 मई के बाद समाप्त होगी।

गौरतलब है कि लोकसभा चुनाव में मतदान के समय से ही चंद्रबाबू नायडू ने गैर राजग दलों के नेताओं से मुलाकात कर रहे हैं। अब तक वे समाजवादी पार्टी के प्रमुख और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव, कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के प्रमुख शरद पवार, आम आदमी पार्टी के प्रमुख अरविंद केजरीवाल और बहुजन समाज पार्टी की प्रमुख मायावती से भेंट कर चुके हैं। सोमवार को वे पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से भी मिल सकते हैं।

शिवसेना ने कहा कि लोकसभा चुनाव के पांचवे चरण में ही टारगेट पाने और भाजपा के 300 सीट प्राप्त करने को लेकर भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने पहले बातें स्पष्ट कर दीं थीं। शिवसेना का कहना था कि देश गठबंधन वाली ऐसी सरकार को सहन नहीं कर सकता जो कि कई छोटे - छोटे दलों से मिलकर बनी हो।

शिवसेना ने कहा कि वे सोच रहे हैं कि परिणाम आने के बाद कुछ दिन हालात अस्थिर रहेंगे और उन्हें इसका लाभ मिलेगा। तो चंद्रबाबू नायडू के प्रयास विफल हैं। सत्ता के समीकरण बनाने के लिए चंद्रबाबू नायडू कई बार एनसीपी चीफ शरद पवार से मिले। कुछ लोग चाहते हैं कि कुछ भी करके वे भाजपा को पॅावर से दूर रखें। मगर उनके प्रयास सफल नहीं होंगे।