नई दिल्ली। लोकसभा चुनाव 2019 के एग्जिट पोल जारी हो गए हैं। अधिकांश एग्जिट पोल का निष्कर्ष यही है कि देश में मोदी लहर कायम है और एक बार फिर एनडीए सरकार बनने जा रही है। वहीं चाणक्य का सर्वे सबसे अलग आंकड़ा दे रहा है। इसके मुताबिक, एनडीए को 350 सीटें मिल सकती हैं। सर्वे के मुताबिक, इस आंकड़े में 14 सीटों का फेरबदल हो सकता है। कांग्रेस को महज 95 सीटों से संतोष करना पड़ सकता है। वहीं अन्य के खाते में 97 सीटें जा सकती हैं। 2014 में अन्य दलों को 147 सीटें मिली थीं। बता दें, चाणक्य का सर्वे दिलचस्प रहता है, क्योंकि पिछले चुनावों में इसका अनुमान सबसे अलग रहा था और कई बार आश्चर्यजनक रूप से सटीक भी रहा। चाणक्य ने इस बार न्यूज 24 के साथ एग्जिट पोल किया है। पढ़िए इस सर्वे की बड़ी बातें -

राजस्थान, दिल्ली, गुजरात में फिर क्लिन स्वीप : चाणक्य के सर्वे के मुताबिक, 2014 की तरह इस बार भी गुजरात की सभी 26 सीटें भाजपा की झोली जाती दिख रही हैं। दिल्ली की सभी 7 सीटों पर भाजपा को जीत मिल सकती है। इसी तरह राजस्थान की सभी 25 सीटों पर भाजपा जीत सकती है। यानी पिछली बार की तरह इस बार भी कांग्रेस का खाता नहीं खेलेगा, ऐसा एग्जिट पोल कह रहे हैं।

यूपी में भाजपा को थोड़ा नुकसान: चाणक्य के एग्जिट पोल के अनुसार, यूपी में भाजपा को 65 सीटें मिल सकती हैं। सपा-बसपा गठबंधन को महज 13 सीटों से संतोष करना पड़ सकता है। कांग्रेस के खाते में सिर्फ 2 सीटें (अमेठी और रायबरेली) जा सकती हैं। इससे पहले कहा जा रहा था कि भाजपा को यूपी में बड़ा नुकसान होगा, लेकिन ऐसा होता नहीं दिख रहा। पिछली बार भाजपा ने 80 में से 73 सीटें जीती थीं।

पंजाब की 13 सीटों में से कांग्रेस और शिअद-भाजपा गठबंधन को 6-6 सीटें मिल सकती हैं। वहीं एक सीट अन्य के खाते में जाती दिख रही है। ओडिशा में भाजपा और उसके सहयोगी दलों को 14 सीट मिल सकती है। वहीं बीजू जनता दल को 7 सीटों से संतोष करना पड़ सकता है। तमिलनाडु में इस बार एआईएडीएमके को भारी नुकसान होता दिख रहा है। कांग्रेस ने यहां डीएमके को साथ लेकर चुनाव लड़ा था और इस गठबंधन को 38 में से 31 सीट मिलती दिख रही है। पिछली बार जयललिता थीं और एआईएडीएमके को 37 सीटें मिली थीं।

बिहार में एनडीए का जलवा कायम है। यहां की 40 सीटों में से भाजपा और सहयोगी दलों को 32 सीटें मिलती दिख रही हैं। कांग्रेस और उसके सहयोगी दलों को 8 सीट से संतोष करना पड़ सकता है।

सबसे चौंकाने वाला आंकड़ा पश्चिम बंगाल से आ रहा है। इस सर्वे के मुताबिक, भाजपा को यहां 18 सीटें मिल सकती हैं। कुल 42 सीटों में से पिछली बार भाजपा को सिर्फ 2 सीटों से संतोष करना पड़ा था। टीएमसी को 23 सीटों से संतोष करना पड़ सकता है।

आंध्र प्रदेश की 25 सीटों में से टीडीपी को 17 सीट तो वारआरएस कांग्रेस को 8 सीटें मिल सकती हैं। कर्नाटक में भाजपा को 28 में से 23 सीटें मिल सकती हैं। कांग्रेस और जेडीएस को 5 सीट से संतोष करना पड़ सकता है।