लखनऊ। लोकसभा चुनाव 2019 के आखिरी चरण की वोटिंग समाप्त होते ही एग्जिट पोल जारी कर दिए गए हैं। यूपी में भाजपा को नुकसान हुआ है। एक्जिट पोल्स के सर्वे के मुताबिक भाजपा को उत्तर प्रदेश में सबसे ज्यादा नुकसान होता दिखाई दे रहा है।

रिपब्लिक C Voter द्वारा किए गए सर्वे में भाजपा को 38 सीटें और बसपा-सपा के गठबंधन को 40 सीटें मिल रही हैं। कांग्रेस 2 सीटों पर सिमट रही है। वहीं ABP न्यूज- निलसन के सर्वे में भाजपा को 80 सीटों में से सिर्फ 22 सीटें ही मिलती नजर आ रही हैं। सर्वे में बसपा सपा के गठबंधन को 56 सीटें और कांग्रेस को 2 सीटें मिल रही हैं। सुवर्णा न्यूज 24x7 के अनुसार भाजपा को 51 सीटें और बसपा सपा गठबंधन को 26 सीटें मिल रही हैं। कांग्रेस को 3 सीट मिल रही हैं।

चाणक्य के सर्वे के मुताबिक, यूपी में भाजपा को 65 सीटें मिल सकती हैं। सपा-बसपा गठबंधन को महज 13 सीटों से संतोष करना पड़ सकता है। कांग्रेस के खाते में सिर्फ 2 सीटें (अमेठी और रायबरेली) जा सकती हैं।

पश्चिमी यूपी में भाजपा को भारी नुकसान हुआ है। 27 में से 6 सीटें भाजपा को और 21 गठबंधन को जाती दिख रही है। कांग्रेस को यहां एक भी सीट नहीं मिल रही है। कांग्रेस ने पश्चिमी यूपी की जिम्मेदारी प्रियंका गांधी को दी थी। इसी तरह अवध में भी महागठबंधन की लहर है।

एग्जिट पोल में देश में सबसे ज्यादा लोकसभा सीटों वाले राज्य यूपी (80 सीट) पर देश की नजर है। 2014 में भाजपा ने यहां बंपर सीटें जीती थीं, लेकिन इस बार मुकाबला पूरी तरह अलग रहा। सपा और बसपा ने हाथ मिलाते हुए महागठबंधन बना लिया, वहीं कांग्रेस भी अपने दम पर चुनाव लड़ी। कांग्रेस ने प्रियंका गांधी को आधिकारिकतौर पर राजनीति में उतार दिया और पश्चिम यूपी की कमाई सौंप दी। चुनाव प्रचार के दौरान यूपी के नेताओं के नई विवादित बयान दिए, जिनके चलते योगी आदित्यनाथ के साथ ही मायावती और आजम खान के चुनाव प्रचार पाबंदी लगी। यूपी की वीआईपी सीटों में लखनऊ सीट भी शामिल है, जहां से केंद्रीय मंत्री राजनाथ सिंह मैदान में हैं। सपा ने उनके खिलाफ शत्रुघ्न सिन्हा की पत्नी पूनम को उतारा है। वहीं कांग्रेस ने प्रमोद कृष्णन को टिकट दिया है। इसी तरह वाराणसी (नरेंद्र मोदी), अमेठी (राहुल गांधी बनाम स्मृति ईरानी), रायबरेली (सोनिया गांधी), मैनपुरी (मुलायम सिंह), आजमगढ़ (अखिलेश यादव बनाम निरहुआ), रामपुर (आजम खान बनाम जया प्रदा), गोरखपुर (रवि किशन), कन्नौज (डिंपल यादव) यूपी की वीआईपी सीटों में शामिल हैं।

2014 का नतीजा: 2014 की मोदी लहर में भाजपा को 80 में से 73 सीटों पर जीत मिली थी। कांग्रेस को सिर्फ दो (अमेठी और रायबरेली) में जीत मिली थी। सपा को 5 सीटों से संतोष करना पड़ा था, वहीं मायावती की पार्टी का तो खाता भी नहीं खुला था।