कोलकाता। लोकसभा चुनाव 2019 के आखिरी चरण की वोटिंग समाप्त होते ही एग्जिट पोल जारी कर दिए गए। ज्यादातर पोल के मुताबिक, एनडीए को बहुमत मिल रहा है और केंद्र में एक बार फिर भाजपा की सरकार बनती नजर आ रही है। पश्चिम बंगाल की बात करें तो टाइम्स नाउ-वीएमआर के मुताबिक, 42 सीटों में से टीएमसी के खाते में 28 सीट जाती दिख रही हैं। भाजपा को 2014 में 02 सीट मिली थी और इस बार यह आंकड़ा बढ़कर 11 हो रहा है। कांग्रेस को 2 सीट और वामदलों को 1 सीट मिल सकती है। वहीं, इंडिया न्यूज-पोल्स के मुताबिक, बंगाल में टीएमसी को 26 सीटों पर जीत मिल सकती है, तो भाजपा 14 सीट अपनी झोली में डालने में कामयाब रहेगी, यानी पिछली बार से 12 सीट का फायदा। कांग्रेस को दो सीटें मिलती दिख रही है। इस सर्वे के मुताबिक, लेफ्ट का खाता नहीं खुलेगा। वहीं रिपब्लिक-जन की बात का सर्वे कहता है कि भाजपा को 42 में से 18 से 26 तक सीट मिल सकती हैं। ममता बनर्जी को 13 से 21 सीटों से संतोष करना पड़ सकता है। कांग्रेस को 3 सीट मिल सकती है। रिपब्लिक-सी-वोटर के मुताबिक, टीएमसी को 29 सीट मिलती दिख रही हैं। भाजपा को 11 सीटें मिल सकती है।

बंगाल में इस बार मुख्य मुकाबला तृणमूल कांग्रेस (TMC) और भाजपा के बीच रहा। कहीं-कहीं वाम दल और कांग्रेस का भी जोर है। भाजपा को बंगाल से बड़ी उम्मीद है। कहा जा रहा है कि यूपी में भाजपा को जो नुकसान होगा, पार्टी उसकी भरपाई बंगाल से कर सकती है। चुनाव के दौरान भाजपा और टीएमसी कार्यकर्ताओं के बीच हिंसक झड़पें भी हुईं। आखिरी चरण में तो भाजपा अध्यक्ष अमित शाह के रोड शो में भी हिंसा हुई। चुनाव प्रचार के दौरान ममता बनर्जी, नरेंद्र मोदी और अमित शाह के बीच बयानबाजी भी खूब हुई। ममता ने जब मोदी पर निजी हमला बोला तो भाजपा ने कहा कि दीदी की जमीन खिसक गई है, इसलिए बौखलाहट में ऐसे बयान दे रही हैं।

2014 में ऐसा रहा था बंगाल का नतीजा: 2014 में मोदी लहर के बावजूद भाजपा को महज 2 सीटें मिली थीं, लेकिन कई सीटें ऐसी रहीं, जहां उनका मत प्रतिशत 2009 के मुकाबला कई गुना बढ़ गया। जैसे साउथ कोलकाता में 2009 में भाजपा को वोट प्रतिशत 2 फीसदी के आसपास था, जो 2014 में 21.33% हो गया था। ऐसी करीब 10 सीटें हैं। बहरहाल, 2014 में टीएमसी को सबसे ज्यादा 34 सीटें मिली थीं। कांग्रेस को 4 तो माकपा को 2 सीटों से संतोष करना पड़ा था।