मुंबई। लोकतंत्र के महाकुंभ में दूसरे चरण में 13 राज्यों की 96 सीटों पर मतदान हो रहा है। इनमें महाराष्ट्र की 10 सीटें भी शामिल हैं, जहां वोटर्स उम्मीदवारों की किस्मत का फैसला करेंगे। बता दें कि महाराष्ट्र में 48 लोकसभा सीटें है। दूसरे चरण में बुलढ़ाणा, अकोला, अमरावती, हिंगोली, नांदेड़, परभणी, बीड, उस्मानाबाद, लातूर, सोलापूर सीट पर मतदान होगा। जानें महत्वपूर्ण सीटों पर मुकाबले की स्थिति...

बुलढाणा सीट पर शिवसेना को तीसरी बार जीत की आस

महाराष्ट्र के विदर्भ क्षेत्र में आने वाली बुलढाणा लोकसभा सीट पर इस बार 12 प्रत्याशी मैदान में हैं। इस सीट पर वर्तमान में शिवसेना से जाधव प्रताप राव हैं। पिछले दो चुनावों में जाधव जीतकर आए हैं। शिवसेना ने एक बार फिर जाधव पर भरोसा जताते हुए उन्हें इस बार भी पार्टी की ओर से उम्मीदवार बनाया है।

इसके अलावा कांग्रेस से डॉ. राजेंद्र भास्करवर शिंगणे मैदान में हैं। बसपा से अब्दुल हफीज अब्दुल अजीज को टिकट दिया गया है। 2014 के लोकसभा चुनाव में भी शिवसेना के टिकट पर जाधव प्रताप राव चुनाव जीतकर सांसद बने थे। उन्होंने एनसीपी के प्रत्याशी कृष्ण राव इंगले को हराया था।

बुलढाणा संसदीय क्षेत्र में 6 विधानसभा सीटें आती हैं। इसमें बुलढाणा और चिखली विधानसभा सीट पर कांग्रेस ने जीत हासिल की थी। वहीं, सिंधखेड राजा और मेहकर विधानसभा सीट पर शिवसेना का विधायक है। खामगांव और जलगांव जामोद सीट पर बीजेपी का कब्जा है।

अकोला सीट पर भाजपा को जीत का चौका लगाने की उम्मीद

अकोला लोकसभी सीट को भाजपा का गढ़ माना जाता है। इस सीट तीन बार से संजय धोत्रे जीतते आ रहे हैं। भाजपा ने एक बार फिर संजय पर ही भरोसा जताया है और पार्टी ने उन्हें अकोला से उम्मीदवार बनाया है। उनका सीधा मुकाबला कांग्रेस के प्रत्याशी हिदायतुल्ला पटेल से होने जा रहा है। इसके अलावा इस सीट से वंचित बहुजन अघाड़ी के प्रमुख प्रकाश अंबेडकर और बीएसपी से बीसी कांबले भी मैदान में हैं।

इस तरह अकोला सीट पर इस बार भी बीजेपी, बसपा और कांग्रेस ने उन्हीं उम्मीदवारों को टिकट दिया है, जो 2014 में चुनावी मैदान में थे। बीजेपी के शामराव धोत्रे ने 2014 के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस नेता पटेल हिदायतुल्ला को दो लाख से ज्यादा वोटों से हराया था.

अमरावती सीट पर शिवसेना, बसपा के बीच मुकाबला

महाराष्ट्र की अमरावती लोकसभा सीट शिवसेना का गढ़ रही है। पिछले 25 सालों से यहां से शिवसेना का उम्मीदवार जीतता आ रहा है। पार्टी ने इस बार मौजूदा विधायक आनंदाराव अड़सूल को ही प्रत्याशी बनाया है, अड़सूल अमरावती से पिछले दो बार से सांसद हैं। उनका मुकाबला बहुजन समाज पार्टी के अरुण वानखेड़े से होगा। इस बार इस सीट से 24 प्रत्याशी मैदान में हैं, जिसमें से 15 निर्दलीय प्रत्याशी हैं।

अमरावती लोकसभा सीट की खासियत रही है कि जब भी इस सीट से प्रमुख दलों द्वारा महिला प्रत्याशी उतारीं गईं हैं, उन्हें जीत हासिल हुई। अमरावती लोकसभा सीट के तहत 6 विधानसभा क्षेत्र आते हैं। इनमें बड़नेरा, अमरावती, तिवसा, दर्यापुर, मेलघाट, अचलपुर शामिल हैं।

सोलापुर सीट पर पूर्व मुख्यमंत्री शिंदे फिर मैदान में

सोलापुर लोकसभा सीट कांग्रेस का गढ़ रही है। महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री सुशील कुमार शिंदे का यह गृह क्षेत्र रहा है। सोलापुर सीट से तीन बार सांसद रहे शिंदे 2014 में मोदी लहर के चलते हाथ से चली गई थी। इस बार इस सीट से भाजपा ने धार्मिक गुरु जय सिद्धेश्वर शिवाचार्य को मैदान में उतारा है, जबकि कांग्रेस ने इस बार भी सुशील कुमार शिंदे को ही टिकट दिया है। इसके अलावा 6 निर्दलीय प्रत्याशी चुनाव मैदान में हैं।

2014 के लोकसभा चुनावों में बीजेपी के शरद बंसोड ने पूर्व केंद्रीय मंत्री सुशील कुमार शिंदे को हराया था। बता दें कि भाजपा ने बीजेपी ने मौजूदा सांसद शरद बनसोडे का टिकट काटकर लिंगायत समुदाय के धार्मिक गुरु जय सिद्धेश्वर शिवाचार्य को अपना उम्मीदवार बनाया है

कांग्रेस का गढ़ रही लातूर सीट पर रोचक मुकाबला

महाराष्ट्र की लोकसभा सीट लातूर में भी दूसरे चरण में 18 अप्रैल को मतदान होना है। इस बार इस सीट पर 10 उम्मीदवार मैदान में हैं। कांग्रेस का गढ़ रही इस सीट पर 2014 में कांग्रेस उम्मीदवार को हार मिली थी। भाजपा ने यहां जीत हासिल की थी। इस बार इस सीट से कांग्रेस ने कामंत मछिंद्र को टिकट दिया है तो वहीं भाजपा ने सुधाकर श्रंगारे को मैदान में उतारा है।

बसपा की ओर से सिध्दार्थ कुमार सूर्यवंशी और वंचित बहुजन आघाडी ने राम गरकार को टिकट दिया है। वहीं 3 प्रत्याशी निर्दलीय अपना दावा ठोक रहे हैं। इस सीट से कांग्रेस के वरिष्ठ नेता शिवराज पाटिल 7 बार सांसद रहे हैं। 2014 में मोदी लहर के चलते कांग्रेस को अपनी इस परंपरागत सीट से हाथ धोना पड़ा था। यहां से बीजेपी के डॉ. सुनील गायकवाड़ ने जीत हासिल की थी।