लखनऊ। लोकसभा चुनाव के दूसरे चरण में उत्तर प्रदेश की 8 सीटों पर मतदान हो रहा है। उत्तर प्रदेश में कुल 80 लोकसभा सीट हैं। दूसरे चरण में इनमें से 8 सीटों नगीना, अमरोहा, बुलंदशहर, अलीगढ़, हाथरस, मथुरा, आगरा और फतेहपुर सीकरी सीट पर वोटिंग हो रही है। यूपी में इस बार भाजपा से मुकाबला करने के लिए बहुजन समाज पार्टी और समाजवादी पार्टी ने गठबंधन किया है। ऐसे में इन सीटों पर मुकाबला दिलचस्प होने की उम्मीद की जा रही है। यूपी की इन महत्वपूर्ण लोकसभा सीटों की जानिये तस्वीर-

मुस्लिम बहुल है अमरोहा लोकसभा सीट

उत्तर प्रदेश की अमरोहा लोकसभा सीट पर 18 अप्रैल को मतदान होना है। मुस्लिम बहुल इस सीट पर 2014 के चुनाव में भाजपा ने जीत दर्ज कर सभी को चौंका दिया था। इस बार इस सीट पर 15 उम्मीदवार मैदान में हैं। इस बार भाजपा ने कंवर सिंह तंवर को इस सीट से अपना उम्मीदवार बनाया है। वहीं बहुजन समाज पार्टी से दानिश अली, कांग्रेस से सचिन चौधरी और शिवपाल सिंह के बीच मुकाबला है। इस सीट पर 7 निर्दलीय प्रत्याशी भी मैदान में हैं।

इस सीट पर 20 फीसदी वोटर मुस्लिम हैं, वहीं जाट वोटर्स की भी यहां बड़ी संख्या है। 2014 में इस सीट पर बीजेपी के कंवर सिंह तंवर ने समाजवादी पार्टी के हुमैरा अख्तर को लगभ 1 लाख वोटों से हराया था।

बुलंदशहर सीट पर भाजपा का रहा है दबदबा

उत्तर प्रदेश का बुलंदशहर पिछले दिनों हिंसा की वजह से चर्चा में रहा था। इस लोकसभा सीट पर पिछले कुछ वक्त से भाजपा का दबदबा रहा है। हालांकि 2009 में पार्टी को ये सीट खोनी पड़ी थी, लेकिन 2014 में मोदी लहर के बाद एक बार फिर यह सीट भाजपा के हिस्से में आ गई थी।

इस सीट पर इस चुनावी समर में 13 उम्मीदवार मैदान में हैं। मुख्य मुकाबला भाजपा के प्रत्याशी भोला सिंह, कांग्रेस के बंशी सिंह और बसपा के योगेश वर्मा के मध्य है। इस सीट पर 4 निर्दलीय उम्मीदवार भी अपनी किस्मत आजमा रहे हैं।

अलीगढ़ सीट पर है ऐसी सियासत

पश्चिमी उत्तर प्रदेश का ऐतिहासिक शहर अलीगढ़ वैसे तो अलीगढ़ मुस्लिम युनिवर्सिटी के चलते पहचाना जाता है, लेकिन इसकी राजनीति भी उतनी ही मुश्किल है। पिछले लोकसभा चुनाव में भाजपा ने इस सीट पर बाजी मारी थी। लेकिन इस बार भाजपा को इस सीट पर कड़ी टक्कर मिलती नजर आ रही है, इसकी वजह समाजवादी पार्टी और बहुजन समाज पार्टी के बीच गठबंधन होना है। इस बार यहां से 20 उम्मीदवार मैदान में हैं।

बीजेपी ने वर्तमान सांसद सतीश कुमार गौतम पर फिर भरोसा जताते हुए उन्हें टिकट दिया है। सपा और बसपा से संयुक्त उम्मीदवार डॉ. अजित बालियान और कांग्रेस से बिजेंद्र सिंह चौधरी उम्मीदवार बनाए गए हैं। आप पार्टी ने सतीश शर्मा और प्रगतिशील समाजवादी पार्टी ने दीपक चौधरी को मैदान में उतारा है। इस सीट पर मुस्लिम वोटर्स का प्रभाव है, हालांकि 2014 में बीजेपी के सतीश गौतम ने यहां से 48 प्रतिशत वोट हासिल कर एक तरफा जीत हासिल की थी।

मथुरा सीट हाईप्रोफाइल सीटों में शुमार

दूसरे चरण के मतदान में मथुरा लोकसभा सीट पर भी वोटिंग होना है। यह सीट हाईप्रोफाइल सीटों में शुमार है। फिलहाल इस सीट से बॉलीवुड अभिनेत्री हेमामालिनी सांसद हैं। भाजपा ने यहां से एक बार फिर हेमामालिनी को उम्मीदवार बनाया है।

वहीं उन्हें चुनौती देने के लिए कांग्रेस ने महेश पाठक, राष्ट्रीय लोकदल ने कुंवर नरेंद्र सिंह को मैदान में उतारा है। समाजवादी पार्टी, बसपा और रालोद में गठबंधन के बाद नरेंद्र सिंह को टिकट मिला है। मथुरा सीट पर जाट और मुस्लिम वोटरों का वर्चस्व रहा है।

आगरा सीट पर दलित,मुस्लिम मतदाता करेंगे फैसला

आगरा वैसे तो ताजमहल के लिए दुनियाभर में अपनी पहचान रखता है, लेकिन इस लोकसभा सीट की राजनीति दलित और मुस्लिम वोटर्स के इर्द गिर्द ही घूमती है। इस सीट पर 37 फीसदी वोटर्स दलित और मुस्लिम हैं। यह सीट उत्तर प्रदेश की चर्चित लोकसभा सीटों में से है।

इस बार आगरा लोकसभा सीट पर 9 प्रत्याशी अपनी किस्मत आजमा रहे हैं। भाजपा की ओर से एसपी सिंह बघेल मैदान में हैं। कांग्रेस ने प्रीता हरित और बसपा ने मनोज कुमार सोनी को टिकट दिया है।