अमायरा दस्तूर हाल ही में 'राजमा चावल' में दिखीं। जल्द ही वे कंगना रनौत और राजकुमार राव की 'मेंटल है क्या' में नजर आएंगी। इससे अलग एक सामाजिक पुनर्जागरण लाने और दुनिया को बेहतर जगह बनाने की कोशिश भी वो कर रही हैं।

अमायरा, ‘वर्ल्ड ऑफ एनिमल्स’ नामक एक गैर-लाभकारी संगठन के साथ जुड़ी हैं। अपना अच्छा काम करने की इच्छुक अमायरा की कोशिश खाने की बर्बादी रोकने की भी है। हर व्यक्ति यह जानता है कि बड़े पैमाने पर भोजन बर्बाद हो रहा है और रोजमर्रा के आधार पर अमायरा का लक्ष्य इस समस्या को निपटाना है। अभिनेत्री कई बड़े खाद्य ब्रांडों के साथ जुड़ी हैं। खाद्य ब्रांड, खाद्य पदार्थों को तादाद में बर्बाद करते हैं क्योंकि वे अगले दिन के लिए फिर से उपयोग नहीं कर सकते हैं। दूसरी ओर गरीब किसी भी तरह का पौष्टिक भोजन खरीद नहीं सकते हैं। अमायरा का इरादा इन दोनों बाजुओं के साथ जुड़ना है। और एक संतुलन बनाना है। वह पहले से ही विभिन्न ब्रांडों और संस्थाओं के साथ विलय करके इस पहल की दिशा में कदम उठा रही है। अमायरा मानती हैं कि बड़ी संस्थाएं आसानी से वंचित वर्ग को अपव्यय से अधिक मूल्य के भोजन वितरित कर सकती हैं जो उसका सही उपयोग होगा और भोजन व्यर्थ नहीं जाएगा।

अमायरा कहती हैं, 'मेरी मां हमेशा समाज को वापस देने पर जोर देती हैं। मैं बस यह स्पष्ट करना चाहती हूं कि यह दान नहीं है। इन ब्रांडों के साथ जुड़कर, जरूरतमंदों की बहुत गंभीरता से मदद करने की कोशिश कर रही हूं। खाना जिसका उपयोग नहीं किया गया है या अतिरिक्त है, उसे फेंकने के बजाय सभी जरूरतमंद लोगों तक पहुंचाना चाहिए। भारत एक ऐसा देश है जो अभी भी अकाल और कुपोषण की समस्याओं का सामना करता है, मेरा उद्देश्य इन श्रेणियों में संख्या को कम करना है जितना संभव हो सके।'