रुपेशकुमार गुप्ता, मुंबई। दीपिका पादुकोण ने पहले ही ये स्वीकार किया था कि एक समय था जब वो गहरे डिप्रेशन में चली गई थीं लेकिन फिर उन्होंने अपने को संभाला और करियर में आगे बढ़ने के लिए ख़ुद को मजबूत किया। दीपिका ने फिर उन दिनों को याद किया और इससे जुड़ी अपनी मां की एक बात बताई है।

मुंबई में हुए एक कार्यक्रम में दीपिका ने कहा कि जब वह अवसाद से ग्रसित थी तो उनकी मां ने उनके डिप्रेशन में जाने के लक्षण को सबसे पहले पकड़ा था। दीपिका ने कहा कि सबसे पहले मां ने हमारे फ़ैमिली डॉक्टर को बुलाया था। दीपिका पादुकोण कहती हैं, 'इसकी शुरुआत मेरे खो जाने से हुई। मुझे समझ में नहीं आता था कि मेरे साथ क्या हो रहा है। मेरा ध्यान किसी भी चीज पर नहीं लगता था। मैं खोई खोई रहती थी और मेरी मां जो कि बीच बीच में मुझे देखने मुंबई आ जाया करती थी। उन्होंने सबसे पहले इस बात को नोटिस किया। मैं उस समय एक फिल्म कर रही थी और मुझे समझ नहीं आ रहा था कि मैं किन परिस्थितियों से गुजर रही थी। मुझे प्रतिदिन अपने आप को बिस्तर से खींचकर निकालना पड़ता था।'

दीपिका ने बताया, 'मां एक दिन जब वह वापस जाने लगी तो मुझे रोना आ गया। उन्होंने हमारे पारिवारिक मित्र को फोन कर बुलाया जोकि एक काउंसिलर हैं। वह हमें जानती थी। इसलिए मुझे समझा और मैं इससे उबर सकी।'

गौरतलब है कि दीपिका ने डिप्रेशन से निपटने के लिए एक संस्था की भी स्थापना की है जो डिप्रेस लोगों की काउंसिलिंग भी करती है।

फिलहाल दीपिका अपनी अगली फिल्म की शूटिंग में जुट गईं है और पद्मावत के आने का इंतज़ार कर रही हैं।