बेंगलुरू। मशहूर फिल्म अभिनेता और लेखक गिरीश कर्नाड का निधन हो गया है। वे लंबे समय से बीमार चल रहे थे और 81 साल की उम्र में बेंगलुरू स्थित अपने घर में अंतिम सांस ली। वे आखिरी बार सलमान खान स्टारर 'टाइगर जिंदा है' में नजर आए थे। हालांकि उन्हें 'मालगुडी डेज़' से ख्याति मिली थी। उन्हें पद्मश्री, पद्मभूषण और ज्ञानपीठ जैसे सम्मान मिले हैं। फिल्म अभिनेता के अवाला उनके पहचान फिल्म निर्देशक, कन्नड़ लेखक और नाटककार के रूप में भी रही। उन्होंने दक्षिण भारतीय सिनेमा में भी खूब नाम कमाया।

गिरीश कर्नाड ने जिन प्रमुख हिंदी फिल्मों में काम किया, उनके नाम हैं - टाइगर जिंदा है, शिवाय, चॉक ए डस्टर, कॉफी शॉप, स्मार्ट एंड कंपनी, रॉक इन लव, एक था टाइगर, पीपली लाइव, आतंक, डोर, इकबाल, हे राम, चाइन गेट, अंतरनाद, सुर संगम।

गिरीश कर्नाट को मिले पुरस्कार

  • 1972 में संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार
  • 1974 में पद्मश्री
  • 1992 में पद्मभूषण
  • 1992 में कन्नड़ साहित्य अकादमी पुरस्कार
  • 1994 में साहित्य अकादमी पुरस्कार
  • 1998 में ज्ञानपीठ पुरस्कार
  • 1998 में कालिदास सम्मान
  • इसके अतिरिक्त गिरीश कर्नाड को कन्नड़ फिल्म ‘संस्कार’ के लिए सर्वश्रेष्ठ निर्देशक का राष्ट्रीय पुरस्कार भी मिल चुका है।