रणवीर सिंह ने माना है कि बाहर से आकर मुंबई में अपना कमाल दिखाना आसान नहीं है। रणवीर कहते हैं वे मुंबई के हैं लेकिन साढ़े तीन साल स्ट्रगल किया है। रणवीर कहते हैं 'मैं नया नया था कोई ब्रेक नजर नज़र नहीं आ रहा था. वह दौर मेरे लिए मुश्किल था, अमेरिका में पढ़कर आया था, लेकिन नौकरी नहीं था। फिनांशियल परेशानी थी।'

एक बार उन्होंने निराश होकर एक्टिंग छोड़ने का फैसला कर लिया था। वह कहते हैं कि उन्हें लग रहा था कि वह फिल्मी दुनिया में अपनी जगह नहीं बना पाएंगे, क्योंकि उनकी किसी फिल्मी हस्ती से जान-पहचान नहीं थी। रणवीर ने कहा, 'वह मेरा स्ट्रगल पीरियड था, जब मैं 10 वीं क्लास में था, तो मुझे लगा कि मैं मेनस्ट्रीम एक्टिंग में नहीं आ पाऊंगा, क्योंकि मैं किसी बड़ी फिल्म हस्ती से ताल्लुक नहीं रखता हूं।'

रणवीर सिंह कहते हैं कि आज वह जिस मुकाम पर हैं, वहां पहुंचने में उन्हें वक़्त लगा लेकिन अपनी मेहनत से जगह बनाई है। रणवीर कहते हैं 'ऐसा नहीं है कि मैंने संघर्ष नहीं किया है, परिवार के लिए भी वह दौर मुश्किल था। हर परिवार में उतार चढ़ाव होता ही है। जिस वक़्त मंदी का दौर था, उस वक़्त फिल्में नहीं बन रही थीं. खास कर नए लड़कों को लेकर कोई फिल्में नहीं बनाना चाह रहा था, उस वक्त मैं अपने आपको यह बात कहता था कि तू टेंशन मत ले, तुझमें है वह बात है। तू बस काम करते रहे और तेरा टाइम आएगा।'

उन्होंने फिर सोचा कि कुछ ऐसा किया जाए कि जो कि उनके वश में हो, इसलिए उन्होंने यूनिवर्सिटी ऑफ़ अमेरिका में आगे की पढ़ाई करने का फैसला ले लिया। हालांकि वहां रजिस्ट्रेशन बंद हो चुके थे और रणवीर को पता चला कि वहां सिर्फ एक्टिंग क्लास में स्लॉट खाली था, इसलिए उन्होंने वहां एडमिशन ले लिया। रणवीर ने आगे कहा कि उन्हें पहले दिन ही परफॉर्म करने के लिए कहा गया और सभी को उनकी परफॉरमेंस पसंद आई। तब उन्हें पता चला कि वह अच्छे परफॉर्मर हैं। बता दें कि रणवीर सिंह की नई फिल्म 'गली बॉय' 14 फरवरी को रिलीज़ होने वाली है।