अहमदाबाद। गुजरात के सुप्रसिद्ध मंदिरों को अब सौर ऊर्जा द्वारा रोशन किया जाएगा। राज्य सरकार सोमनाथ, अंबाजी, द्वारका, बहुचराजी तथा शामलाजी सहित विविध मंदिरों में सोलर पैनल लगाने का निर्णय किया है। राज्य के मशहूर मंदिरों में वार्षिक 70 हजार से दो लाख रुपए बिजली का बिल आता है। इसके लिए गुजरात यात्राधाम विकास बोर्ड द्वारा पांच करोड़ रुपए की लागत से राज्य सरकार संचालित तकरीबन 200 मंदिरों में इसे लगाया जायेगा।

सूत्रों के अनुसार रुपाल के मंदिर में तीन महीने में यह काम पूराकर जायेगा। वहीं सोमनाथ मंदिर में 1.40 करोड़ रुपए की लागत से 300 किलो वॉट्स की सोलार पैनल लगायी जाएगी। वहीं अन्य मंदिरों में भी 200 किलो वॉट्स का पैनल लगाया जाएगा।

शिखर मंदिर के अतिरिक्त सोलार पैनल द्वारा सौरा उर्जा उत्पन्न कर मंदिर के परिसर में स्थित ऑफिस, भोजनालय, पार्किंग एवं धर्मशाला वगैरह में इसका उपयोग किया जाएगा।

सोलार ट्री आकर्षक लगने के साथ ही बिजली की बचत में भी उपयोगी है। इसमें छह-सात लाख का खर्च होता है। मेहसाणा और भरुच के सर्किट हाउस में सोलार पैनल का उपयोग किया गया है। अब गांधीनगर सर्किट हाउस में भी इसे लगाया जायेगा। इसका इन्वेस्टमेंट खर्च तीन वर्ष में ही बिजली बिल से पूरा कर लिया जाता है।

इसकी आयु तकरीबन 25 वर्ष होती है। राज्य सरकार द्वारा संचालित मंदिरों के बाद निजी मंदिरों में भी इसका उपयोग किया जाएगा।