अहमदाबाद। शुक्रवार को उत्‍तर गुजरात के कुडा लाखाणी गांव में हुए सामूहिक हत्याकांड की गुत्थी पुलिस ने सुलझा ली है। बनासकांठा एसपी प्रदीप सेजुल ने बताया कि किसान ने ही पत्नी और तीन बच्चों की हत्या की थी। उस पर 23 लाख रुपये का कर्ज था और कर्जदारों की धमकियों के चलते उसने यह कदम उठाया।

पुलिस ने इस मामले में दो सूदखोरों को भी गिरफ्तार किया है। इससे पहले सोमवार को अहमदाबाद सिविल अस्पताल में भर्ती किसान करसनजी पटेल की मौत हो गई। उसने पत्नी आंनदीबेन पटेल (50), पुत्र उकाजी पटेल (22), सुरेश पटेल (13) व पुत्री भावना पटेल (18) की गला रेत कर हत्या करने को बाद खुद जहर खा लिया था।

बनासकांठा एसपी प्रदीप सेजुल ने बताया कि कुंड गांव वालों के बयान के मुताबिक परिवार के मुखिया करशनजी निरक्षर हैं। विशेष जांच दल की जांच में सामने आया है कि मानसिक तनाव के चलते करशनजी ने अपने परिवार की गला रेत कर हत्या करने के बाद उसने खुद जहर खा लिया।

करशनजी ने कुल 23 लाख रुपये खर्च लिये थे। इसकी भरपाई के लिए उन्होंने अपनी जमीन भी बेच दी थी। कर्ज की भरपाई नहीं हो पाई। पुलिस के मुताबिक इस मामले में 7 व्यक्तियों को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई है। दो सूदखोरों के खिलाफ मामला दर्ज कर गिरफ्तार किया है।