भरूच (गुजरात)। लोकसभा चुनाव 2019 के तीसरे चरण में 23 अप्रैल, मंगलवार को गुजरात की सभी 26 सीटों पर वोटिंग हो रही है। गुजरात पर पूरे देश की नजर है, क्योंकि यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का गृह राज्य है और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह भी यहीं से चुनाव लड़ रहे हैं। भाजपा ने इस बार अपने वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी की जगह गांधीनगर सीट से अमित शाह को उतारा है। 2014 के लोकसभा चुनाव में भाजपा ने सभी 26 सीटों पर जीत दर्ज की थी। इस बार जिन सीटों पर खास नजर है, उनमें भरूच सीट भी शामिल है। यूं तो यह सीट भाजपा का गढ़ है, लेकिन खास इसलिए है कि 35 साल पहले कांग्रेस का मुस्लिम प्रत्याशी यहीं से चुनाव जीता था। 1984 में यहां से कांग्रेस के अहमद पटेल जीते थे, लेकिन उसके बाद से हार का ऐसा सिलसिला शुरू हुआ जो अब तक नहीं थमा है। जानिए इस सीट के बारे में -

अहमद पटेल 1984 में जीते थे, तब इंदिरा गांधी की हत्या के बाद देशभर में कांग्रेस के पक्ष में सहानुभूति की लहर में थी। हालांकि पटेल इस जीत को बरकरार नहीं रख सके और अगले ही चुनाव यानी 1989 में भाजपा के चंदू देशमुख के हाथों हार गए। उसके बाद से अब तक 8 बार लोकसभा चुनाव हो चुके हैं, लेकिन न तो कांग्रेस को कोई प्रत्याशी जीता, ना ही गुजरात को कोई मुस्लिम सांसद मिला।

इस बार का मुकाबला

इस बार भरूच लोकसभा सीट से कुल 17 उम्मीदवार मैदान में हैं। हालांकि मुख्य मुकाबला भाजपा और कांग्रेस के बीच ही है। भाजपा ने मनसुखभाई वसावा को टिकट दिया है, तो कांग्रेस ने शेरखान पठान को मैदान में उतारा है। बसपा ने चिमनभाई वसावा को प्रत्याशी बनाया है। मनसुखभाई वसावा मौजूदा एमपी हैं।