अहमदाबाद। केंद्र सरकार ने गुजरात मे वर्ष 2015 और 2017 में अतिवृष्टि के कारण हुए नुकसान की रकम अब तक नहीं दी है। इन वर्षों में गुजरात में बाढ़ आने से काफी नुकसान हुआ था। केंद्र सरकार से 2015 में 4473.47 करोड़ तथा 2017 में 2094.92 करोड़ की राशि मांगी गई थी। गुजरात सरकार के राजस्व मंत्री कौशिक पटेल ने विधानसभा में यह जानकारी दी है।

कांग्रेस के सिद्धपुर के विधायक चंदन ठाकोर की ओर से पूछे गए सवाल का उत्तर देते हुए मंत्री कोशिक पटेल ने बताया कि गुजरात में वर्ष 2017 में अतिवृष्टि के कारण केंद्र से 2094.92 करोड़ की मदद मांगी थी। फिलहाल केंद्र सरकार में यह मामला विचारधीन है।

वहीं, 2015 में भी इसी तरह अतिवृष्टि से आई तबाही के कारण केंद्र सरकार से 4473.47 करोड़ रुपए की राशि मांगी गई थी, लेकिन केंद्र सरकार की एनडीआरएफ की कमेटी ने 561 करोड़ की सहाय मंजूर की थी। जबकि ऐसी शर्त रखी गई थी कि राज्य की एसडीआरएफ की शेष रकम की 50 फीसद या मंजरी की गई मदद, एसडीआरएफ की शेष रकम से 50 फीसद से कम हो तो मदद मंजूर की जाती है।

राज्य सरकार के पास 2015 में कुल 3082.26 करोड़ थी, जिसका 50 फीसद 1541.13 करोड़ होता है। इस नियम के मुताबिक, केंद्र सरकार की ओर से गुजरात सरकार को रकम नहीं मिल सकता। गुजरात विधानसभा में विपक्ष के नेता परेश धानाणी ने केंद्र सरकार पर निशाना साधाते हुए कहा कि है कांग्रेस की यूपीए सरकार के दौरान हमेशा गुजरात से अन्याय करने का आरोप लगाने वाले पीएम नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में उनके ही गृह राज्य गुजरात से अन्याय कर रही है। इससे साबित होता है कि भाजपा सरकार गुजरात की जनता को गुमराह कर रही है।