अहमदाबाद। गुजरात से वायु चक्रवात का खतरा टल गया है। यह अब ओमान की ओर बढ़ा रहा है। हालांकि अभी भी राज्‍य में मौसम बदल सकता है। इसके चलते ही सौराष्‍ट्र में आगामी 24 घंटे में भारी बारिश की चेतावनी दी गई है। मुख्‍यमंत्री विजय रुपाणी ने गांधीनगर में गुरुवार शाम को चक्रवात के हालात की समीक्षा की।

रुपाणी ने बताया कि चक्रवात के कारण राज्‍य में एक भी मौत नहीं दर्ज हुई है। शुक्रवार सुबह चक्रवात प्रभावित दस जिलों की समीक्षा की जाएगी। तटीय जिले द्वारका, पोरबंदर, वेरावल, सोमनाथ व अमरेली में दस इंच से अधिक बारिश की चेतावनी के चलते सरकार ने सुरक्षा व बचाव कर्मियों को शुक्रवार सुबह तक यथास्‍थान रहने के निर्देश जारी किए हैं। चक्रवात के असर से बीते 24 घंटे में राज्‍यभर के मौसम में बदलाव आया है।

गुजरात व राजस्‍थान में भीषण गर्मी के चलते तेज आंधी व भारी बरसात हो सकती है। राजस्व विभाग के अतिरिक्‍त मुख्‍य सचिव पंकज कुमार ने बताया कि यह भयानक चक्रवात है। सरकार व प्रशासन अलर्ट पर है।

समुद्र तटों पर सबसे खतरनाक 9 नंबर का सिग्‍नल लगाया जा चुका है। इसके अलावा मध्‍य प्रदेश, बिहार, झारखंड, उत्‍तरांखड आदि राज्‍यों में भी 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ़तार से हवा चलने की आशंका है।

गर्भवती महिलाओं को सुरक्षित स्‍थलों पर पहुंचाया

चक्रवात के चलते गर्भवती महिलाओं को मुसीबत का सामना करना पड़ रहा है। करीब साढ़े पांच हजार गर्भवती महिलाओं को सुरक्षित स्‍थल व अस्‍पतालों में ले जाया गया है।

पोरबंदर, जूनागढ, जामनगर, गीर सोमनाथ, अमरेली से अब तक 5600 गर्भवती महिलाओं को अस्‍पताल अथवा सुरक्षित स्‍थलों पर पहुंचाया गया है।

अमरेली के पास समुद्रके बीच बने शियाल टापू से एक गर्भवती महिला को एनडीआरएफ, कोस्‍ट गार्ड व मरीन पुलिस ने संयुक्‍त ऑपरेशन कर जेटी पर लेकर आए जहां से डॉक्‍टरों की टीम उसे 108 एम्‍बुलेंस में राजुला अस्‍पतपाल पहुंचाया।

वेरावल रेंज से 13 शेरों को भी सुरक्षित स्‍थलों पर ले जाया गया, वनविभाग के कर्मचारियों को चक्रवात के हालात में चौबीसों घंटे गीर जंगल में निगरानी करते रहने को कहा गया है।